ISRO Xposat Launched : नए साल पर इसरो ने Xpo सैटेलाइट लॉन्च कर रचा इतिहास, जानिए क्या है इसकी खासियत

Xpo Satellite Launched : इसरो ने आज Xposat को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. इसके साथ ही अन्य 10 पेलोड भी लॉन्च हुए हैं.

Nisha Srivastava

ISRO Xposat : देश में आज हर कोई नए साल का त्योहार मना रहा है. हर ओर लोग मस्ती में नजर आ रहे हैं. साल 2024 के पहले ही दिन भारत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. सोमवार 1 जनवरी सुबह 9.10 बजे एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (Xposat) को लॉन्च किया है. इसके साथ ही अन्य 10 पेलोड भी लॉन्च हुए हैं. यह साल का पहला और दुनिया का दूसरा व देश का पहला ऐसा सैटेलाइट है जो पल्सर, ब्लैक होल्स, आकाशगंगा और रेडिएशन आदि के बारे में अध्ययन करेगा.

सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ सैटेलाइट

एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट को आज आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. इस सैटेलाइट की लाइफ 5 साल की है. यह प्रक्षेपण पीएसएलवी रॉकेट श्रृंखला का 60वां प्रक्षेपण है. इसकी लॉन्चिंग के पहले वैज्ञानिकों ने तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा की. जानकारी के अनुसार Xposat 250 किमी की ऊंचाई पूरी कर चुका है.

Xposat का काम

इसरो ने चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन के बाद यह देश का अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक नई पहल है. ये पल्सर, ब्लैक होल्स, आकाशगंगा और रेडिएशन आदि के बारे में स्टडी कर जानकारी इकट्ठा करेगा. यह अतंरिक्ष में होने वाले रेडिएशन की स्टडी करेगा और उनकी स्त्रोंतो की तस्वीरें लेगा. इसमें लगे हुए टेलिस्कोप को रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बनाया है.

650 किमी की ऊंचाई पर तैनाती

Xposat सैटेलाइट को 650 किमी की ऊंचाई पर तैनात किया जाएगा. यह ब्रह्मांड के 50 से ज्यादा चमकने वाले स्त्रोतों की स्टडी करेगा. इसरो ने कहा कि एक्स-रे ध्रुवीकरण का अंतरिक्ष आधारित अध्ययन अंतरराष्ट्रीय रूप से अहम हो रहा है और इस संदर्भ में एक्सपोसैक्ट मिशन एक अहम भूमिका निभाएगा.

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