उमर अब्दुल्ला से जब श्रीनगर में मारे गए तीन आतंकियों में से एक के पहलगाम हमले में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. अगर यह पुष्टि हो जाती है, तो यह सुरक्षा बलों के लिए एक अच्छी खबर होगी. उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद से ही पुलिस, आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स लगातार आतंकियों के पीछे लगी हुई है. अगर इनमें से कोई आतंकी मारा गया है, तो यह एक सकारात्मक कदम है.
सिंदूर से पहले पहलगाम की जांच जरूरी
संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा हो रही है, लेकिन उमर अब्दुल्ला का मानना है कि पहले पहलगाम हमले पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हाल ही में उपराज्यपाल (LG) ने माना था कि उस हमले में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से चूक हुई थी. उमर का कहना है कि संसद में यह साफ होना चाहिए कि उस नाकामी के लिए जिम्मेदार कौन है. तभी 'ऑपरेशन सिंदूर' पर गंभीर चर्चा हो सकती है.
राज्य का दर्जा वापस मिलने की उम्मीद
जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा मिलने के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि संसद के मौजूदा सत्र में कुछ न कुछ सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल वो अभी किसी भी तरह का विरोध नहीं करेंगे, लेकिन आने वाले 21 से 22 अगस्त को पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर कोई प्रगति नहीं हुई तो वो इस तरह की रणनीति के ऊपर विचार कर सकते है.
First Updated : Monday, 28 July 2025