India Pakistan tensions: भारत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की हालिया धमकियों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस्लामाबाद अपने आंतरिक संकटों से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार भारत विरोधी बयानबाज़ी कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व की यह एक पुरानी रणनीति है, जब वे खुद नाकाम होते हैं, तो भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि पाकिस्तान के नेता लगातार भारत विरोधी और भड़काऊ बयान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस तरह के दुस्साहस से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इसका अंजाम बहुत दुखदायी हो सकता है, जैसा कि हाल ही में देखा गया. उनका इशारा भारत द्वारा लिए गए हालिया कड़े कदमों की ओर था.
यह बयान उस समय आया है जब भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया है. इस फैसले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया. इससे ठीक पहले कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोग मारे गए थे. इस पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि उनके देश की एक बूंद पानी भी भारत को नहीं दी जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत ने पानी रोकने की कोशिश की, तो उसे इसका करारा जवाब मिलेगा. इसके अलावा, पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी इस मसले को लेकर भड़काऊ बयान दिया और कहा कि पाकिस्तान युद्ध से पीछे नहीं हटेगा.
इस बयानबाज़ी के जवाब में भारतीय नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो भारत ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए करारा जवाब देगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बात पाकिस्तान की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि वहां की सरकार के लिए थी.
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर भारत ने बांध बनाकर पानी रोका, तो उनकी सेना उसे तबाह कर देगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंधु नदी पर भारत का कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है.
नई दिल्ली ने इन बयानों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी परमाणु ताकत का दिखावा कर रहा है और यह उसकी सैन्य नीति की खतरनाक दिशा को दर्शाता है. विदेश मंत्रालय ने इस बात पर चिंता जताई कि ऐसी बातें एक मित्र देश की धरती से की जा रही हैं.
इसकी शुरुआत 22 अप्रैल के आतंकी हमले से हुई और भारत ने इसके जवाब में 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया. इस दौरान ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. चार दिनों तक चलने वाले इस ऑपरेशन के बाद, दोनों देश 10 मई को तनाव कम करने पर सहमत हुए. First Updated : Thursday, 14 August 2025