बंगाल STF की बड़ी कार्रवाई, खुद को 'पुष्पा' बताने वाले TMC नेता जहांगीर खान गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है. जहांगीर खान को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का बेहद खास और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता है. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद बंगाल के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
'डायमंड हार्बर मॉडल' और फाल्टा सीट से जुड़ा है विवाद
जहांगीर खान अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर के अंतर्गत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट से टीएमसी के प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे थे. गौरतलब है कि बंगाल में टीएमसी के चर्चित 'डायमंड हार्बर मॉडल' की चर्चा के बीच फाल्टा सीट पर मतदान के दौरान भारी अनियमितताएं और गड़बड़ियां सामने आई थीं.
मतदान कराने का आदेश
इसके बाद चुनाव आयोग को वहां दोबारा मतदान कराने का आदेश देना पड़ा था. जब इस सीट पर दोबारा वोटिंग शुरू हुई, तो जहांगीर खान ने अप्रत्याशित रूप से चुनावी मैदान छोड़ दिया था.
यूपी के सिंघम IPS से टकराव
चुनाव प्रक्रिया के दौरान जहांगीर खान का उत्तर प्रदेश के चर्चित और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के साथ हुआ तीखा विवाद पूरे देश में सुर्खियों में रहा था. यूपी के 'सिंघम' कहे जाने वाले आईपीएस अजयपाल शर्मा के साथ तनातनी के बीच जहांगीर खान ने फिल्मी अंदाज में अपनी छवि गढ़ने की कोशिश की थी. उन्होंने खुलेआम पुलिस अधिकारी को चुनौती देते हुए अल्लू अर्जुन की फिल्म का मशहूर डायलॉग दोहराया था और कहा था कि अगर वो सिंघम हैं तो मैं भी पुष्पा हूं... झुकूंगा नहीं.
दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा
उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार खुद को एक ऐसे ताकतवर नेता के रूप में पेश किया जो किसी भी प्रशासनिक या बाहरी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा. हालांकि, खुद को 'पुष्पा' बताने वाले जहांगीर खान पर अब बंगाल एसटीएफ का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है और उनकी इस गिरफ्तारी को टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
चुनाव नतीजों के बाद फरार
जहांगीर खान ने खुद की तुलना 'पुष्पा' से करते हुए जवाब दिया. फाल्टा चुनाव को लेकर कई आरोप लगे, जिनमें यह आरोप भी शामिल था कि EVM पर सेलो टेप लगाया गया था. आयोग ने दोबारा मतदान का आदेश दिया। 4 मई को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद, 21 मई तक जहांगीर पूरी तरह से 'गायब' हो गए थे. उन्होंने चुनाव से ठीक दो दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी. तब से वे फरार हैं. उन्होंने कोर्ट से सुरक्षा मांगी, लेकिन राज्य सरकार ने उस सुरक्षा को रद्द करने के लिए अर्जी दाखिल की.


