Jaishankar Terroristan remark: ब्रुसेल्स में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद का पर्याय करार देते हुए उसे टेररिस्तान करार दिया. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच पारंपरिक संघर्ष नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया है.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी उकसावे पर सख्त जवाब देगा और आतंकवादियों को उनके गढ़ में जाकर समाप्त करेगा.
डॉ एस जयशंकर ने कहा, "यह दो देशों के बीच का संघर्ष नहीं है. यह भारत की ओर से आतंकवाद और उसकी नीतियों के प्रति प्रतिक्रिया है. इसलिए इसे भारत-पाकिस्तान के चश्मे से न देखकर 'भारत बनाम टेररिस्तान' के रूप में देखा जाना चाहिए."
उन्होंने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, "आतंकवाद के सभी स्वरूपों के प्रति हमें जीरो टॉलरेंस अपनाना चाहिए. साथ ही, परमाणु ब्लैकमेल के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए. यह वैश्विक समुदाय की साझा चुनौती है."
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए.
जयशंकर ने Politico को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "अगर वे (आतंकी संगठन) अप्रैल जैसी बर्बर हरकतें दोहराएंगे, तो उन्हें जवाब मिलेगा और वह जवाब आतंकियों और उनकी लीडरशिप पर होगा."
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की जवाबी कार्रवाई किसी भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं होगी. उन्होंने कहा, "हमें परवाह नहीं कि वे कहां छिपे हैं. अगर वे पाकिस्तान के भीतर गहराई में भी हैं, तो हम वहां तक पहुंचेंगे."
जयशंकर ने दावा किया कि भारत की वायुसेना द्वारा पाकिस्तानी एयरफील्ड्स को निष्क्रिय कर देने के बाद पाकिस्तान शांति की गुहार लगाने पर विवश हुआ. उन्होंने कहा कि, "10 मई को लड़ाई इसलिए रुकी, क्योंकि उसी सुबह हमने पाकिस्तान के आठ प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाकर उन्हें अक्षम कर दिया." उन्होंने यह भी जोड़ा कि गूगल की सैटेलाइट तस्वीरें इस हमले की पुष्टि करती हैं.
एक अन्य कार्यक्रम में जयशंकर ने बताया कि भारत ने मुरिदके और बहावलपुर जैसे पाकिस्तान के प्रमुख आतंकी अड्डों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा, "इन दो जगहों से दशकों से भारत पर हमले किए जाते रहे हैं. लेकिन इस बार हमने स्पष्ट संदेश दिया कि हम आतंकियों को कहीं भी ढूंढकर खत्म करेंगे."
जयशंकर ने भारत की सुरक्षा नीति स्पष्ट करते हुए कहा, "हम अपने लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकियों के खिलाफ कभी भी, कहीं भी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं."
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद वैश्विक समस्या है, लेकिन भारत की चुनौती विशेष है क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद को राज्य की नीति के रूप में इस्तेमाल करता है. यूरोप में आतंकवाद होता है, लेकिन कोई पड़ोसी देश उसे अपनी घोषित नीति के रूप में नहीं अपनाता.
जयशंकर का यह बयान यूरोप के दौरे के दौरान आया, जहां वे बेल्जियम, फ्रांस और यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को लेकर चर्चा कर रहे हैं. First Updated : Wednesday, 11 June 2025