ऑल पार्टी मीटिंग में जयशंकर ने पाकिस्तान को घेरा, कहा- 'हम दलाल देश नहीं हो सकते'

पश्चिम एशिया संकट पर हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. विपक्ष ने कुछ सवाल उठाए, लेकिन अंत में सभी दलों ने संकट की घड़ी में सरकार का समर्थन करने की बात कही.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संपन्न हो गई. इस अहम बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री जयशंकर सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए. सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि देश में किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है और ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है.

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा

बताया गया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहां ईरान से जुड़े तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी. विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि चार भारतीय जहाज सुरक्षित पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य जहाजों के भी जल्द आने की उम्मीद है. वहीं, खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर सरकार ने कहा कि अब तक करीब 4.25 लाख लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है.

पाकिस्तान की ओर से ईरान संकट में मध्यस्थता की पेशकश का मुद्दा भी बैठक में उठा. इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान लंबे समय से ऐसी भूमिका निभाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत इस तरह की ‘दलाल’ कूटनीति का हिस्सा नहीं बनेगा. यह टिप्पणी उस समय आई जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघर्ष खत्म कराने के लिए बातचीत की मेजबानी की पेशकश की थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी साझा किया था.

किरण रिजिजू ने क्या कहा?

करीब दो घंटे चली इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि सरकार ने सभी सवालों और शंकाओं का विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भारत की तैयारियों और उठाए गए कदमों से संतुष्ट नजर आए. कई नेताओं ने संकट की घड़ी में सरकार को पूर्ण समर्थन देने की भी बात कही.

हालांकि, बैठक को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे देर से उठाया गया कदम बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर और समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने सरकार की विदेश नीति पर चिंता जताई.

वहीं, सरकार ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि भारत लगातार सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है और सभी पक्षों के संपर्क में है. केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने विपक्ष पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो