झारखंड: झारखंड में मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले ही प्री-मानसून की बारिश आफत बनकर बरसी है. राज्य के विभिन्न जिलों में गुरुवार को आंधी-तूफान के साथ हुई भारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की असामयिक मौत हो गई. इस प्राकृतिक आपदा में करीब 18 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में उपचार चल रहा है. मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है.
विभिन्न जिलों में भारी तबाही
विभिन्न जिलों में भारी तबाही हुई है. गुरुवार को हुए हादसों में सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान चतरा और पलामू जिलों में हुआ. चतरा जिले में अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें मयूरहंड की सरोज देवी, सेवाल के सहदेव ठाकुर और लावालौंग की 15 वर्षीय किशोरी पूजा कुमारी शामिल हैं. वहीं, पलामू जिले के पांकी और पीपराटांड़ क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से 63 वर्षीय चिंता कुंवर और 12 वर्षीय बच्चे अनेश कुमार राम की जान चली गई.
मैदान में हादसा
पश्चिम सिंहभूम के टोकलो स्थित तुरामडीह गांव में एक दर्दनाक वाकया सामने आया, जहां फुटबॉल खेलने के दौरान बिजली गिरने से दो खिलाड़ियों साहिल राज सामड और पोंडेराम सामड की मौके पर ही मौत हो गई. अन्य जिलों में भी कई लोगों की जान गई है. कोडरमा में सोनी कुमारी और जामताड़ा में सनातन हांसदा भी इस दैवीय आपदा का शिकार बने. देवघर के सारवां में एक व्यक्ति और रांची के बेड़ो में किसान अब्दुल रऊफ की भी मौत हो गई. इस दौरान गिरिडीह में 7, देवघर में 4, गढ़वा में 2 और रांची में 1 व्यक्ति झुलस गया.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार को छोड़कर राज्य के शेष सभी जिलों में अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और भारी वज्रपात की आशंका है. बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण वायुमंडल में अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 28 जून से झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे कई इलाकों में अच्छी बारिश होगी. इस प्राकृतिक आपदा में करीब 18 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. First Updated : Friday, 26 June 2026