बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और अब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की तैयारी शुरू हो गई है.
सिद्धारमैया ने गुरुवार को राज्यपाल की अनुपस्थिति में लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंपा था. शुक्रवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा, “भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, कर्नाटक का राज्यपाल थावरचंद गहलोत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार करता हूं और उनके नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग करता हूं.”
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद सिद्धारमैया अब नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपने पर पार्टी नेतृत्व ने सहमति बना ली है.
बताया जा रहा है कि गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते की बैठक में सिद्धारमैया ने अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी. इसी दौरान उन्होंने मंत्रियों को यह भी बताया कि डीके शिवकुमार उनके उत्तराधिकारी होंगे.
सत्ता परिवर्तन और नई कैबिनेट के गठन को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों दिल्ली पहुंचे हैं. यहां कांग्रेस नेतृत्व के साथ अहम बैठकें हो रही हैं. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार के नए स्वरूप पर चर्चा की जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा उम्मीदवारों, विधान परिषद सीटों और कैबिनेट फेरबदल को लेकर भी बातचीत हो रही है. बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया कैबिनेट के कई मंत्रियों को नई सरकार में जगह नहीं मिल सकती है.
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए नई सरकार में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. पार्टी अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आगामी चुनावों से पहले संगठन और सरकार दोनों को मजबूत किया जा सके.
हालांकि नेतृत्व परिवर्तन पर लगभग सहमति बन चुकी है, लेकिन मंत्रालयों के बंटवारे और संगठनात्मक संतुलन को लेकर अभी भी बातचीत जारी है.
दिल्ली दौरे के दौरान कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 10 जनपथ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस बैठक को सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
वहीं कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी लगातार बैठकों में शामिल हैं और नई सरकार के गठन को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.
डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिद्धारमैया के लिए भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि ईश्वर इंसान को अवसर देता है और असली मायने इस बात के हैं कि उन अवसरों का उपयोग कैसे किया जाए.
उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया का राजनीतिक सफर संघर्ष, धैर्य और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक है. शिवकुमार ने उनके नेतृत्व और जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि कर्नाटक के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'मुख्यमंत्री पद से हटते समय मैं उनके वर्षों की सेवा और नेतृत्व के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं. उनके कार्यकाल की कई जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य कर्नाटक की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे.'
डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि 2020 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने के बाद से सिद्धारमैया हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहे. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री के तौर पर उनके साथ काम करना और उनके अनुभव से सीखना उनके लिए सम्मान की बात रही है. First Updated : Friday, 29 May 2026