प्रणीत मोरे विवाद के बीच भड़कीं मुंबई मेयर, कहा- कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता बंद हो
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने स्टैंड-अप कॉमेडी शो पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता और महिलाओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता. कॉमेडियन प्रणीत मोरे के विवादित शो पर राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र साइबर विभाग ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है.

महाराष्ट्र: स्टैंड-अप कॉमेडी को लेकर छिड़ी बहस के बीच मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने ऐसे कार्यक्रमों पर सख्त रुख अपनाते हुए देशभर में स्टैंड-अप कॉमेडी शो पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मनोरंजन के नाम पर जिस तरह की सामग्री कुछ मंचों पर प्रस्तुत की जा रही है, वह युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.
रितु तावड़े ने स्टैंड-अप कॉमेडी को लेकर जताई नाराजगी
रितु तावड़े ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं, लेकिन यदि युवा ऐसे कार्यक्रमों से गलत संदेश ग्रहण करें तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है. उनके अनुसार, हास्य और मनोरंजन की आड़ में अश्लीलता, महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां या सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषता है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है.
इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार या नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन अभिव्यक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है. फडणवीस ने कहा कि मनोरंजन के किसी भी माध्यम में समाज की भावनाओं, संस्कृति और मर्यादाओं का सम्मान होना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से स्टैंड-अप कॉमेडी पसंद है और यह आज के समय में मनोरंजन का लोकप्रिय माध्यम बन चुका है. हालांकि, उन्होंने कहा कि कलाकारों को यह समझना चाहिए कि उनके शब्दों और प्रस्तुतियों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है. इसलिए हास्य प्रस्तुत करते समय सामाजिक संवेदनशीलता और मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है.
दरअसल, यह पूरा विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक शो से जुड़े कुछ वीडियो क्लिप्स के वायरल होने के बाद शुरू हुआ. सोशल मीडिया पर प्रसारित इन क्लिप्स में महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों से जुड़े कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया और विभिन्न संगठनों ने इस पर कार्रवाई की मांग की.
राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा पुलिस के डीजीपी को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है. आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है और यह जानकारी देने को कहा है कि संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं.
उधर, महाराष्ट्र साइबर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है. विभाग ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों के अनुसार, जांच भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत की जा रही है और संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं.


