4 जून का मौसम: दिल्ली-NCR में 3 दिन राहत की बारिश, कई राज्यों में आंधी और ओले गिरने के आसार
IMD के अनुसार 4 जून को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो सकती है, जबकि देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और मध्य भारत में तेज हवाओं के साथ मौसम सुहाना रहने और तापमान में गिरावट की संभावना है.

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जून 2026 को देश के कई हिस्सों में मौसम के बड़े बदलाव का अनुमान जताया है. विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और इसके साथ ही उत्तर, मध्य तथा दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
उत्तराखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना
IMD के मुताबिक, उत्तर भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इन मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम करवट ले सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 से 6 जून के बीच आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है. इस दौरान हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है. हालांकि अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है.
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना
मध्य भारत और राजस्थान में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं. पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है, जबकि विदर्भ और मध्य प्रदेश के अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग ने केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और लक्षद्वीप के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश होने का अनुमान है. कोंकण और गोवा के कई इलाकों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है. महाराष्ट्र के मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे क्षेत्र में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है.
समुद्री क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है. भारी बारिश और खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को लक्षद्वीप, मन्नार की खाड़ी और केरल-कर्नाटक तट के आसपास समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. कुल मिलाकर 4 जून को देश के कई हिस्सों में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त असर देखने को मिल सकता है.


