पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोटरों की सूची जारी, आधी रात को वेबसाइट पर आया भारी ट्रैफिक

पश्चिम बंगाल में भारत निर्वाचन आयोग ने आधी रात को चौंकाने वाला फैसला लिया. पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. 29 लाख नामों पर मुहर लग चुकी है, लेकिन अब भी हजारों नाम जुड़ने या हटने की अनिश्चितता बनी हुई है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

कोलकता: पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए सोमवार की रात देर से एक बड़ी खबर आई. भारत निर्वाचन आयोग ने रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अचानक पहली पूरक मतदाता सूची जारी कर दी. इस सूची में उन लाखों नामों का फैसला शामिल है जो पिछले कई महीनों से लंबित थे. 705 न्यायिक अधिकारियों द्वारा किए गए फैसलों के बाद कुल 29 लाख मामलों पर मुहर लग चुकी है. लेकिन सूची जारी होते ही आयोग की वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतें शुरू हो गईं, जिससे मतदाताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी.

आधी रात को जारी हुई पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट

28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची में करीब 60 लाख नामों को विचाराधीन रखा गया था. इन सभी मामलों पर फैसला लेने के लिए पूरे पश्चिम बंगाल में 705 न्यायिक अधिकारी तैनात किए गए थे. सोमवार रात अचानक पहली पूरक सूची जारी कर दी गई. इसमें उन मतदाताओं के नाम शामिल हैं जिन पर अब अंतिम फैसला आ चुका है. मतदाता अपनी सूची देखने के लिए विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर का विवरण भर सकते हैं.

29 लाख नामों पर आया अंतिम फैसला

अब तक कुल 29 लाख नामों पर न्यायिक अधिकारियों ने अपना फैसला सुना दिया है. इनमें कुछ नाम नई सूची में जोड़ दिए गए हैं, जबकि कुछ नाम हटा दिए गए हैं. आयोग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितने नाम जुड़े और कितने हटाए गए. कई मतदाताओं ने शिकायत की कि सूची तो दिख रही है, लेकिन उसे डाउनलोड करने में दिक्कत हो रही है. पोर्टल पर कुल आंकड़े भी अभी उपलब्ध नहीं हैं.

वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक, मतदाताओं को हुई परेशानी

जैसे ही सूची जारी हुई, लाखों लोग एक साथ अपना नाम चेक करने के लिए आयोग की वेबसाइट पर पहुंच गए. इतनी भारी भीड़ के कारण पोर्टल कई बार क्रैश हो गया. बहुत से लोग अपना बूथ लिस्ट डाउनलोड नहीं कर पाए. आयोग के अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी समस्याएं जल्द ही ठीक कर ली जाएंगी. उन्होंने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि सुबह फिर से प्रयास करें.

चुनाव की तैयारियां जोरों पर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने वाले हैं. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. मतगणना 4 मई को की जाएगी. सूची जारी होने के साथ ही राज्य में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची से जुड़ी कोई भी गड़बड़ी न होने पाए. बाकी बचे हुए लंबित मामलों की प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है.

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