PM Modi की अपील के बीच BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर का लंबा काफिला वायरल, बोले- "मुझे तो पता ही नहीं चला"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बीच भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर का लंबा काफिला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. उज्जैन से भोपाल तक दर्जनों गाड़ियों के साथ पहुंचे नेता ने सफाई देते हुए कहा, 'मुझे तो पता ही नहीं चला.'

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की अपील के बीच मध्य प्रदेश से सामने आए एक वीडियो ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर का लंबा काफिला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दर्जनों गाड़ियां उज्जैन से भोपाल तक उनके साथ चलती दिखाई दे रही हैं.
बताया जा रहा है कि सौभाग्य सिंह ठाकुर पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने भोपाल पहुंचे थे. हालांकि उनके पदभार ग्रहण कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा उस विशाल काफिले की हो रही है, जिसने रास्ते में कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार धीमी कर दी.
उज्जैन से भोपाल तक बढ़ता गया काफिला
जानकारी के मुताबिक, सौभाग्य सिंह ठाकुर सुबह उज्जैन से समर्थकों के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए थे. यात्रा के दौरान रास्ते में लगातार समर्थक जुड़ते गए, जिससे गाड़ियों की संख्या बढ़ती चली गई.
कई स्थानों पर समर्थकों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. हाईवे किनारे लोगों की भीड़ जमा होने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लंबी कतार में चलती गाड़ियां साफ देखी जा सकती हैं.
प्रधानमंत्री Modi की कल की अपील को सभी को आत्मसात करना चाहिए
— Verma Sandeep Kumar (@SandeepV63738) May 11, 2026
हालांकि सरकार को अपने छुटभैया नेताओं और दिखावे वाली राजनीति पर भी लगाम लगाने की अपील करनी चाहिए।अगले एक साल तक अनावश्यक काफिलों, दर्जनों गाड़ियों और बेवजह के भौकाल से बचना चाहिए,ताकि संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके। pic.twitter.com/cXtRVmNexN
आजतक से बातचीत में दी सफाई
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सौभाग्य सिंह ठाकुर ने कहा, "मैं ग्रामीण परिवेश से आता हूं. उज्जैन के पास चिंतामन है, वहीं के मंगरौला गांव का हूं. गांव में तो सब परिवार की तरह रहते हैं. कल जब मैं पदभार ग्रहण करने पहुंचा तो मेरे साथ 25 गाड़ियां थीं, लेकिन रास्ते में और लोग जुड़ते चले गए और काफिला लंबा हो गया. मुझे तो पता ही नहीं चला कि इतनी गाड़ियां हो गई हैं."
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि यह गलती थी, तो उन्होंने जवाब दिया, "इसमें गलत क्या है? मुझे तो पता ही नहीं चला ना."
पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की थी अपील
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की थी. उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संकट का हवाला देते हुए लोगों से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने को कहा था.
प्रधानमंत्री ने ईंधन बचत को देशहित से जोड़ते हुए जिम्मेदारी और संयम बरतने की बात कही थी.
पदभार ग्रहण से ज्यादा काफिले की चर्चा
भोपाल में आयोजित पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पदभार ग्रहण कार्यक्रम को भाजपा के लिए अहम संगठनात्मक कार्यक्रम माना जा रहा था, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र काफिला बन गया.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे काफिले और समर्थकों की भीड़ को अक्सर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जाता है. हालांकि मौजूदा समय में पर्यावरण, ट्रैफिक और ईंधन बचत जैसे मुद्दों के बीच ऐसे आयोजनों पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है.
ट्रैफिक प्रभावित होने का दावा
हाईवे से गुजर रहे कई लोगों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि स्वागत कार्यक्रमों के कारण कई जगह ट्रैफिक धीमा पड़ गया था. कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि जरूरी काम से जा रहे लोगों को रास्ते में रुकना पड़ा.
हालांकि प्रशासन की ओर से ट्रैफिक बाधित होने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.


