मदरसे के नाम पर चल रहा था पाकिस्तान कनेक्टेड कट्टरपंथी मॉड्यूल! 56 वर्षीय इजहार उल हक को MP ATS ने किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश ATS ने कट्टरपंथी मॉड्यूल के सबसे पुराने सदस्य 56 वर्षीय इजहार उल हक को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया है. वह वहां मदरसा चलाता था और पाकिस्तान स्थित हैंडलर से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा था.

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भोपाल: मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (MP ATS) ने एक बड़े अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. सोमवार को ATS ने बिहार के मधुबनी जिले से 56 वर्षीय मदरसा संचालक इजहार उल हक को गिरफ्तार किया. वह इस मॉड्यूल का अब तक का सबसे पुराना सदस्य बताया जा रहा है. इस मामले में अब कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

ट्रांजिट रिमांड पर MP लाया गया

इजहार उल हक को मधुबनी की अदालत में पेश किया गया. ATS ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश लाया है. बुधवार को उसे मुख्य रूप से भोपाल लाए जाने की संभावना है. अधिकारी पूछताछ के बाद ही उसकी भूमिका स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह इस पूरे मॉड्यूल का सरगना है या नहीं. 

तीन राज्यों में पहले हो चुकी गिरफ्तारियां

इस मॉड्यूल में पहले की तीन गिरफ्तारियां पिछले शुक्रवार को हुई थी. MP ATS ने भोपाल के काजी कैंप से 35 वर्षीय मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया. फराज एक प्राइवेट होम्योपैथी क्लिनिक में काम करता था. उसी दिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता से 38 वर्षीय नईम अब्दुल्ला कुरैशी और राजस्थान के अलवर जिले से 34 वर्षीय मोहम्मद शाकिर को भी पकड़ा गया. 

पाकिस्तान से चल रहा था ऑनलाइन नेटवर्क

जांच में पता चला कि सभी आरोपी एक बंद ऑनलाइन ग्रुप के सदस्य थे. इस ग्रुप को पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कंट्रोल करता था. केंद्रीय एजेंसियों की सूचना पर यह पूरा मामला सामने आया. नईम अब्दुल्ला कुरैशी ने करीब दो साल पहले मोहम्मद फराज को इस ऑनलाइन ग्रुप से जोड़ा था. दोनों ने सहारनपुर के देवबंद में एक मदरसे में साथ पढ़ाई की थी.

जांच जारी, हिरासत में पूछताछ

कोर्ट ने फराज और कुरैशी को 16 जून तक ATS की हिरासत में भेज दिया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक हिरासत में रखने की अनुमति मिली है. ATS अब इजहार उल हक से विस्तार से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है. यह कार्रवाई कट्टरपंथी विचारों के प्रसार और युवाओं की ऑनलाइन भर्ती को रोकने के लिए MP ATS की सतर्कता को दिखाती है. First Updated : Tuesday, 16 June 2026

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