ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, हाईकोर्ट ने दिए दूसरे पोस्टमार्टम के आदेश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ट्विशा शर्मा मर्डर केस मामले में दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दे दिया है. बता दें कि ये आदेश भोपाल की एक अदालत द्वारा दिल्ली एम्स में दूसरा पोस्टमार्टम करवाने की याचिका को खारिज किए जाने के बाद आया है.

Shraddha Mishra

भोपाल: भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है. शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दे दिया. इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया था. परिवार शुरू से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा था. अब हाईकोर्ट के फैसले और सीबीआई जांच की सहमति के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है.

हाईकोर्ट ने दिए दूसरे पोस्टमार्टम के आदेश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नोएडा निवासी 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा के मामले में बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने दिल्ली स्थित एम्स में दूसरा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया है. ट्विशा का शव भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर लगी एक्सरसाइज रॉड से लटका मिला था. इस घटना के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. परिवार का कहना था कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हैं और कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं.

भोपाल अदालत ने पहले खारिज की थी याचिका

कुछ दिन पहले भोपाल की एक अदालत ने दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने की याचिका खारिज कर दी थी. 19 मई को दायर इस याचिका में दोबारा पोस्टमार्टम और नए फोरेंसिक परीक्षण की मांग की गई थी. हालांकि अदालत ने शव के लंबे समय तक सुरक्षित रखे जाने को लेकर चिंता जताते हुए याचिका नामंजूर कर दी थी. दरअसल, ट्विशा का शव 13 मई से एम्स भोपाल के मुर्दाघर में रखा हुआ था. इसके बावजूद परिवार अपनी मांग पर अड़ा रहा और उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. परिवार लगातार दावा कर रहा था कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि साजिश का मामला हो सकता है.

परिवार को मिली बड़ी राहत

शुक्रवार का दिन ट्विशा के परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया. हाईकोर्ट ने न सिर्फ दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति दी, बल्कि राज्य सरकार ने भी मामले को सीबीआई को सौंपने पर सहमति दे दी. यह परिवार की सबसे बड़ी मांगों में शामिल था. परिजनों का कहना था कि उन्हें स्थानीय जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा नहीं है और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच जरूरी है. अब सीबीआई जांच की मंजूरी मिलने के बाद इस केस में कई नए पहलुओं की जांच हो सकती है.

सास की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई

हाईकोर्ट में ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा की ओर से एक और याचिका दायर की गई है. इसमें ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई है. गिरिबाला सिंह को पहले निचली अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है. वह सेवानिवृत्त न्यायाधीश बताई जा रही हैं. अब हाईकोर्ट इस मामले पर भी सुनवाई कर रहा है, जिससे केस की कानूनी प्रक्रिया और तेज हो गई है.

पति समर्थ सिंह ने वापस ली जमानत याचिका

मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली. बताया जा रहा है कि समर्थ 12 मई से फरार थे. उनके वकील ने अदालत को जानकारी दी कि समर्थ अब आत्मसमर्पण करने का फैसला कर चुके हैं. समर्थ पेशे से वकील हैं और उन पर भी मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. उनकी जमानत याचिका वापस लेने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है.

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