ट्विशा शर्मा मौत मामले में हाई वोल्टेज ड्रामा! सवालों पर तिलमिलाए गिरिबाला सिंह के वकील, सड़क पर दिखा गुस्सा

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान एक बड़ा मोड़ आया जब पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे त्विषा के आरोपी पति के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनका मुवक्किल अब जांच एजेंसियों के सामने सरेंडर करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

भोपाल: भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में शुक्रवार को अदालती कार्यवाही और हाई कोर्ट परिसर के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान एक बड़ा मोड़ आया जब पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे ट्विशा के आरोपी पति के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनका मुवक्किल अब जांच एजेंसियों के सामने सरेंडर करने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसके साथ ही आरोपी पक्ष ने कोर्ट में दाखिल की गई अपनी अग्रिम जमानत याचिका को भी वापस लेने की घोषणा की है.

वीडियो वायरल

इस कानूनी घटनाक्रम के बीच कोर्ट परिसर के बाहर त्विषा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मीडियाकर्मियों द्वारा तीखे सवाल पूछे जाने पर वकील कार्लो अचानक आग बबूला हो गए और उन्होंने अपनी भड़ास वहां खड़ी एक गाड़ी के बोनट पर मुक्के मारकर निकाली.

मीडिया पर चीख पड़े वकील कार्लो

शुक्रवार को कोर्ट परिसर के बाहर आरोपी सास गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच का स्वागत किया और कहा कि निष्पक्ष जांच से ही दूध का दूध और पानी का पानी अलग होगा.

सुध-बुध खो बैठे वकील

इसी दौरान वहां मौजूद एक कार के पहिए से उनका पैर अचानक दब गया. दर्द और खीझ के मारे वकील कार्लो अपनी सुध-बुध खो बैठे और अचानक झल्ला पड़े. उन्होंने पास खड़ी कार के बोनट पर जोर-जोर से हाथ पटकना शुरू कर दिया और मीडिया पर चीखते हुए बोले कोई कानून है ऐसा कि सब कुछ बताया जाए? अब कौन देगा इसका जवाब?इसके बाद वे बिना किसी और सवाल का जवाब दिए वहां से चले गए.

सीबीआई के हाथों में है जांच की कमान

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए थे. मृतका की सास के पूर्व जज होने के कारण यह मामला पूरे राज्य में भारी तूल पकड़ चुका था. मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी थी. वर्तमान में सीबीआई की टीम मामले से जुड़े तमाम डिजिटल सबूतों, कॉल डिटेल्स, गवाहों के बयानों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है.

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