अमरावती कांड: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आए यौन शोषण और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है. इस सनसनीखेज कांड के मुख्य आरोपी अयान अहमद को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं, जो एक खौफनाक सच्चाई की ओर इशारा कर रहे हैं.
जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफ दिखाने वाला अयान अपनी इस चमक-दमक भरी जिंदगी के लिए घर में ही चोरी करता था. अपनी ऐशो-आराम की चाहत पूरी करने के लिए उसने अपनी ही मां के गहनों तक को नहीं छोड़ा.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अयान ने अपनी सगी मां का मंगलसूत्र और सोने का हार चोरी कर बेच दिया था. इसी पैसे से वह अपनी महंगी लाइफस्टाइल और लड़कियों पर खर्च करता था.
सोशल मीडिया पर उसकी जो रील्स वायरल हो रही थीं, जिनमें नोटों की गड्डियां और महंगे शौक दिखाई देते थे, उनका बड़ा हिस्सा इसी चोरी के पैसों से जुड़ा बताया जा रहा है.
अयान की सोशल मीडिया प्रोफाइल किसी फिल्मी किरदार से कम नहीं दिखती. वायरल वीडियो में वह हाथ में पिस्तौल, मेज पर रखे कई आईफोन, थार गाड़ी और पैसों के साथ स्टाइल में नजर आता है.
उसकी एक रील का कैप्शन था- "यह जरूर कुछ बड़ा करेगा. इसे अपनी ज़िंदगी से ज़्यादा अपनी जीत प्यारी है". अब पुलिस यह जांच कर रही है कि वीडियो में दिख रही पिस्तौल असली है या नकली, और अगर असली है तो उसका लाइसेंस किसके नाम पर है. साथ ही थार गाड़ी के मालिक का भी पता लगाया जा रहा है.
अयान को महंगे होटलों और ब्रांडेड चीजों का शौक था. इसी शौक को पूरा करने के लिए वह कर्ज के जाल में फंसता चला गया और धीरे-धीरे अपराध की राह पर बढ़ता गया.
अप्रैल 2026 में सामने आए इस मामले में खुलासा हुआ है कि 180 से अधिक युवतियों, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं, को सोशल मीडिया के जरिए प्रेमजाल में फंसाया गया. आरोपी इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था.
इसके बाद उनका अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था. अब तक 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो सामने आ चुके हैं.
इस मामले में मुख्य आरोपी अयान अहमद (उर्फ अयाज) को गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके अलावा उजेर खान समेत अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है. अब तक 4 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
पूरे मामले की जांच के लिए 46 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. पुलिस साइबर टीम की मदद से डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर करने में जुटी है और पीड़ितों की पहचान की जा रही है.
यह मामला अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है. विभिन्न स्तरों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है और प्रशासन भी तेजी से जांच को आगे बढ़ा रहा है. First Updated : Tuesday, 21 April 2026