TCS का नासिक यूनिट बंद... कर्मचारियों को कैंपस न आने के निर्देश, HR मैनेजर समेत कई गिरफ्तार
TCS के नासिक यूनिट में लगे गंभीर आरोपों के बाद कंपनी ने अचानक ऑपरेशंस रोक दिए हैं. पुलिस की गुप्त जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे मामला और भी गंभीर बन गया है.

प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने नासिक स्थित यूनिट में सभी ऑपरेशंस को फिलहाल रोक दिया है और कर्मचारियों को कैंपस न आने के निर्देश दिए हैं. कंपनी ने नासिक यूनिट में कामकाज को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. साथ ही यहां नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी गई है. बताया जा रहा है कि जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी. यह कदम वहां के बीपीओ यूनिट में लगे गंभीर आरोपों के बाद उठाया गया है.
नासिक यूनिट के कुछ कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. इनमें महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी बातें शामिल हैं. इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है.
40 दिन चली जांच, सात आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस ने करीब 40 दिनों तक गुप्त जांच की. इस दौरान सात महिला पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के रूप में यूनिट में काम करती रहीं. जांच के दौरान कई अहम सबूत जुटाए गए और अब तक कुल नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक एचआर मैनेजर भी शामिल है. कंपनी ने भी तुरंत कदम उठाते हुए सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है.
कंपनी का बयान: जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
TCS के प्रवक्ता ने साफ कहा है कि कंपनी की नीति यौन उत्पीड़न के मामलों में बिल्कुल सख्त है. उन्होंने बताया कि जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई. जांच में शामिल कर्मचारियों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है और कंपनी पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रही है.
तौसिफ और निदा पर मास्टरमाइंड होने का शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तौसिफ अत्तार और निदा खान को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. आरोप है कि 2022 से ही महिला कर्मचारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. कई पीड़ितों ने एचआर विभाग में शिकायत भी की, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया. मामले की जांच अब एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) कर रही है. जांच के तहत बैंक खातों की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और 70 से ज्यादा आंतरिक ईमेल्स की जांच की जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.
नासिक यूनिट में हजारों लोग काम करते हैं, इसलिए ऑपरेशंस रुकने का असर सीधे कर्मचारियों पर पड़ा है. कंपनी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम या अन्य यूनिट्स में ट्रांसफर करने के विकल्प पर विचार कर रही है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.


