Mallikarjun Kharge: राज्यसभा में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने बीजेपी सांसद नीरज शेखर को सख्त लहजे में जवाब देते हुए जमकर फटकार लगाई. यह पूरा मामला उस वक्त हुआ जब खरगे डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये के मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे.
इस दौरान नीरज शेखर ने बीच में टोक दिया, जिससे खरगे भड़क उठे और गुस्से में कह दिया, "तेरे बाप का भी मैं ऐसे ही साथी था, उसे लेकर घूमा… चुप, चुप, चुप बैठ." नीरज शेखर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे हैं और 2019 में समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. खरगे की यह तीखी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और संसद में माहौल गरमा गया.
सत्र के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे देश की आर्थिक स्थिति और रुपये की गिरती कीमत पर अपनी बात रख रहे थे. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं. जैसे ही उन्होंने यह बात कही, नीरज शेखर ने बीच में हस्तक्षेप किया, जिससे खरगे भड़क गए. खरगे ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, "जो लोग हमें बोलने नहीं देना चाहते, वे संविधान की बात नहीं समझते. यह संविधान ही है जिसने हमें यहां बोलने का अधिकार दिया है."
खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि अगर मनुस्मृति का शासन होता, तो निर्मला सीतारमण को बजट पेश करने का अधिकार नहीं मिलता. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "संविधान ने हमें संसद में बोलने का हक दिया है, मनुवादियों की बात मत सुनो." दिलचस्प बात यह रही कि इस दौरान खरगे मनुस्मृति की एक प्रति भी सदन में लेकर आए थे.
मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार के 11 साल के शासन पर तीखा हमला बोला और इसे "विषकाल" करार दिया. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि विकास, रोजगार, किसान कल्याण और संघीय ढांचे के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है. खरगे ने कहा, "सरकार ‘सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन असल में यह कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों और अपने करीबी दोस्तों का ही विकास कर रही है." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसान और बेरोजगार आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं.
खरगे ने अपने भाषण में एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया. उन्होंने कहा, "बीते 10 साल में देशभर में 1 लाख से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है." उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है, नौकरियां खत्म हो रही हैं और आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार सिर्फ अपने चहेते पूंजीपतियों का भला कर रही है.
मल्लिकार्जुन खरगे और नीरज शेखर के बीच हुई इस तीखी बहस के बाद राज्यसभा में माहौल गर्म हो गया. बीजेपी सांसदों ने खरगे के बयान पर आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस ने इसे "सच्चाई का तीखा जवाब" करार दिया. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या बीजेपी इस बयान को लेकर खरगे से माफी की मांग करेगी या मामला आगे और गरमाएगा? First Updated : Tuesday, 04 February 2025