पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित भगवद गीता पाठ कार्यक्रम के दौरान दो मांसाहारी विक्रेताओं पर हमले के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला. कृष्णानगर में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में धमकियों, सांप्रदायिक उकसावे या खान-पान पर रोक नहीं बर्दाश्त की जाएगी.
ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा कि यह पश्चिम बंगाल है, उत्तर प्रदेश नहीं. ममता ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने बताया कि विक्रेताओं ने बस अपना काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें पीटा गया. ममता बनर्जी ने कहा कि मैं गरीबों को परेशान करने वाले किसी को भी नहीं बख्शूंगी. उन्होंने इस घटना को राजनीतिक साजिश से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह पूरे मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) और चुनाव से पहले भय का माहौल पैदा करने का हिस्सा है. बनर्जी ने भाजपा पर सांप्रदायिक विभाजन की संस्कृति बढ़ाने और राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक ग्रंथों का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया.
मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि धर्म का मतलब पवित्र इरादे, मानवता और शांति है, न कि घृणा या विभाजन. उन्होंने भाजपा के आयोजकों को निशाना बनाते हुए कहा कि लोग गीता का पाठ निजी तौर पर कर सकते हैं, सार्वजनिक सभा आयोजित करने की जरूरत नहीं है.
ममता बनर्जी ने भाजपा पर बंगाल की संस्कृति और भाषाई पहचान पर हमला करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में बंगाली बोलने के कारण लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और बांग्लादेश भेजा जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बंगाल के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और सवाल उठाया कि क्या पार्टी वास्तव में बंगाल को समझती है.
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और खाने-पीने के अधिकार पर अपने रुख को दोहराते हुए बनर्जी ने कहा कि मांसाहार हर व्यक्ति की मर्जी है और आदिवासियों, अल्पसंख्यकों या तपस्वियों के मामलों में किसी को दखल देने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य में नजरबंदी शिविरों को कभी मंजूरी नहीं देगी.
पुलिस ने बुधवार रात को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. ये लोग 7 दिसंबर को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम के दौरान टॉपसिया और आरामबाग के दो विक्रेताओं पर हमला करने के आरोप में थे. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया. First Updated : Thursday, 11 December 2025