जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हवाई अड्डे के पास विस्फोटों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पाकिस्तान द्वारा सीमावर्ती राज्यों में ड्रोन हमलों की शुरुआत की गई. रिपोर्टों के अनुसार, श्रीनगर हवाई अड्डे पर संदिग्ध ड्रोन के हमले को विफल करने के लिए भारतीय अधिकारियों ने जवाबी उपायों को तैनात किया. इस दौरान कई विस्फोटों की आवाज भी सुनाई दी, जिससे इलाके में खलबली मच गई. भारतीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन के हमले को नाकाम किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया.
आज शाम जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में भी ड्रोन हमलों की खबरें आईं. विशेष रूप से जम्मू, सांबा, पठानकोट, अमृतसर, जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए. भारतीय सेना और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए और इन ड्रोन हमलों से निपटने के लिए अपने बचाव उपायों को लागू किया. इन ड्रोन हमलों का मकसद भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाना हो सकता है.
यह घटनाएंं उस समय घटित हो रही हैं जब एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को विफल कर दिया था. पाकिस्तान की तरफ से जम्मू, सांबा और पठानकोट जैसे क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइल हमलों के प्रयास किए गए थे, जिनका भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मुंहतोड़ जवाब दिया. पाकिस्तान द्वारा लगातार ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना ने अपनी तत्परता और प्रभावी रणनीति से इन हमलों को नाकाम किया है.
भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों में वृद्धि की है और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी उपायों को अपनाया है. भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें ड्रोन रोधी तकनीकें शामिल हैं, पाकिस्तान की ओर से होने वाले ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है. इसके अलावा, भारतीय सेना और वायु सेना ने किसी भी संभावित खतरे को नकारने के लिए सभी महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है.
हालांकि इन हमलों का मुख्य लक्ष्य सैन्य प्रतिष्ठान हो सकता है, लेकिन ड्रोन हमले नागरिक क्षेत्रों में भी पहुंच सकते हैं, जिससे भारी जनहानि हो सकती है. इसके बावजूद, भारतीय सुरक्षा बलों की तत्परता और जवाबी कार्रवाई से नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है.
पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों की यह नई लहर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है. भारत ने बार-बार पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यदि वह अपनी आक्रामकता को नहीं रोकेगा, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कोई भी कदम उठाने में पीछे नहीं रहेगा.
First Updated : Friday, 09 May 2025