मध्य पूर्व तनाव का असर: भारत में 410 उड़ानें कैंसिल, आज 444 और उड़ानें रद्द होने की आशंका
मध्य पूर्व में बढ़ते सशस्त्र संघर्ष का असर अब हवाई यातायात पर साफ दिखने लगा है. भारत सरकार के अनुसार शनिवार को 410 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि आज 444 उड़ानों के प्रभावित होने की आशंका है, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सशस्त्र संघर्ष का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा है. भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार शनिवार को मध्य पूर्व से जुड़ी 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं.
मंत्रालय ने संकेत दिया है कि स्थिति में फिलहाल कोई सुधार नहीं दिख रहा है. रविवार को भी हालात गंभीर बने रहने की आशंका है और 444 उड़ानों के रद्द होने का अनुमान जताया गया है. क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र में अस्थिरता के चलते एयरलाइंस और विमानन प्राधिकरण सतर्क मोड में हैं.
मंत्रालय का बयान
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच सशस्त्र संघर्ष शुरू होने के बाद शनिवार को 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं. मंत्रालय का कहना है कि रविवार को भी यही स्थिति बनी रहेगी और 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है.
तीन देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व में हवाई संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है.
एयर इंडिया और इंडिगो ने रद्द की उड़ानें
तनाव बढ़ने के बाद कई भारतीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के विभिन्न गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें स्थगित करने का फैसला लिया. Air India और IndiGo ने क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए अपनी सभी निर्धारित उड़ानें रद्द करने की घोषणा की.
क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद भारत से तेल अवीव जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा. इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों एयरलाइंस ने औपचारिक रूप से उड़ानें रद्द करने की सूचना जारी की.
डीजीसीए ने जारी की सुरक्षा सलाह
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को एक सुरक्षा परामर्श जारी किया. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी के हवाई क्षेत्र में नागरिक उड्डयन के लिए बढ़े जोखिमों को लेकर चेतावनी दी.
डीजीसीए ने भारतीय ऑपरेटरों को सभी उड़ान स्तरों और ऊंचाइयों पर प्रभावित हवाई क्षेत्र में संचालन से बचने की सलाह दी है.
साथ ही ऑपरेटरों को प्रभावित देशों और संबंधित राष्ट्रीय प्राधिकरणों द्वारा जारी अद्यतन वैमानिक सूचना प्रकाशनों (एआईपी) और नोटाम पर करीबी नजर रखने को कहा गया है. सीरिया और यमन के हवाई क्षेत्र को लेकर पहले जारी की गई सलाह को भी पूरी तरह प्रभावी बताया गया है.
उड़ान व्यवधान से यात्री फंसे
हवाई सेवाओं में व्यवधान के चलते कई भारतीय यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंस गए. ईरान द्वारा मध्य पूर्व के कई इलाकों में किए गए मिसाइल हमलों और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने से स्थिति और जटिल हो गई.
इन यात्रियों में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी शामिल थीं. वह मंगलवार से शुरू होने वाले ऑल इंग्लैंड ओपन के लिए बर्मिंघम जा रही थीं, जहां दुबई उनका कनेक्टिंग पॉइंट था. क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण दुनिया के व्यस्ततम ट्रांजिट हब में से एक पूरी तरह ठप हो गया, जिससे दो बार की ओलंपिक पदक विजेता समेत हजारों यात्रियों की आगे की यात्रा रुक गई.
इसके अलावा भारतीय सीनियर पुरुष राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ी भी एफआईबीए बास्केटबॉल विश्व कप 2027 एशियाई क्वालीफायर में मैच खेलने के बाद कतर के दोहा में फंस गए.


