भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र भारत सरकार ने बुधवार यानी 7 मई को देशभर में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया. इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को इमरजेंसी स्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमताओं का परीक्षण करना था.
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, यह मॉक ड्रिल देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 259 जिलों में आयोजित की गई. इस अभ्यास में नागरिकों को हवाई हमलों, ब्लैकआउट, और आपातकालीन निकासी जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों में यह अभ्यास विशेष रूप से देखा गया.
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के प्लेटफॉर्म सात और आठ पर सेंट्रल रेलवे की सिविल डिफेंस यूनिट ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया. इस अभ्यास में यात्रियों को आग बुझाने के उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई. सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में रेलवे की तत्परता का प्रदर्शन करना था.
दिल्ली के खान मार्केट में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया. इस अभ्यास में हवाई हमले की चेतावनी के लिए सायरन बजाए गए, जिसके बाद नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया. इसके पश्चात, दिल्ली फायर सर्विस ने आग बुझाने का प्रदर्शन किया और एनडीआरएफ की टीमों ने इमारतों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
पंजाब के अमृतसर में पुलिस और रक्षा टीमों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया. इस अभ्यास में बम विस्फोट, आतंकवादी हमले, और बंधक स्थिति जैसे परिदृश्यों का अनुकरण किया गया. अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था.
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु के बाद, भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में नौ आतंकवादी शिविरों पर मिसाइल हमले किए. भारतीय सेना, नौसेना, और वायु सेना की संयुक्त कार्रवाई में इन शिविरों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया.
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए प्रशिक्षित करना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमताओं का परीक्षण करना है. इस अभ्यास में हवाई हमलों की चेतावनी, ब्लैकआउट, और आपातकालीन निकासी जैसी स्थितियों का अनुकरण किया गया. नागरिकों को सिखाया गया कि ऐसी स्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया करनी चाहिए. First Updated : Wednesday, 07 May 2025