राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के खिलाफ गुरुवार को पंजाब और हरियाणा में बड़ा एक्शन लिया. अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, पठानकोट, कपूरथला, रूपनगर और हरियाणा के सिरसा में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी ली गई. यह छापेमारी जनवरी 2025 में अमृतसर की एक पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले से जुड़े सुरागों के आधार पर की गई थी.
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए. शुरुआती जांच में पता चला है कि इन परिसरों का इस्तेमाल BKI की भर्ती, फंडिंग और हमलों की साजिश रचने के लिए किया जा रहा था. जांच एजेंसी अब इन डिजिटल डिवाइसेज़ की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि संगठन के नेटवर्क और बड़े आकाओं की पहचान की जा सके.
एनआईए के मुताबिक बब्बर खालसा इंटरनेशनल पाकिस्तान समेत अन्य देशों में बसे अपने सहयोगियों की मदद से भारत में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा है. संगठन भारत में अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं को धन, हथियार और विस्फोटक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान स्थित आकाओं और कनाडा में बसे खालिस्तानी समर्थकों की मदद ले रहा है. यह संगठन भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है.
इस बीच कनाडा में भी खालिस्तानी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने 'Project Pelican' नामक अभियान के तहत एक बड़े ड्रग और आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया. इस नेटवर्क का संबंध कनाडा में बसे खालिस्तानी समर्थकों से था जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे.
Project Pelican की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कनाडा के राष्ट्रपति मार्कोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G7 समिट में शामिल होने का औपचारिक न्योता भेजा है. माना जा रहा है कि खालिस्तानी गतिविधियों पर यह सख्ती भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की दिशा में बड़ा संकेत है.
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही और भी नाम सामने आ सकते हैं. एजेंसी का फोकस अब BKI की फंडिंग चेन, ट्रेनिंग कैम्प और विदेशी संपर्कों पर है. आने वाले दिनों में और छापेमारियों की संभावना जताई गई है.
केंद्र सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. NIA और अन्य एजेंसियों को खालिस्तानी संगठनों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. First Updated : Friday, 13 June 2025