नई दिल्लीः बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की निर्णायक जीत के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार एक और कार्यकाल के लिए तैयार हैं. नीतीश कुमार अब तक नौ बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिसमें 2000 में सात दिनों का छोटा कार्यकाल भी शामिल था, जो बहुमत की कमी के कारण समाप्त हुआ.
यह मौका हमें याद दिलाता है कि भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेताओं की राजनीतिक यात्रा कितनी लंबी और महत्वपूर्ण रही है.
भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री
चामलिंग ने लगभग 25 वर्षों तक सिक्किम का नेतृत्व किया. उनकी पार्टी लगातार पांच बार जीत हासिल करने में सफल रही, जिससे वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बन गए.
नवीन पटनायक ने 2000 में ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और लगभग 24 वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया. उनका कार्यकाल 2024 में भाजपा की जीत के बाद समाप्त हुआ.
ज्योति बसु पश्चिम बंगाल के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और उन्हें भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में गिना जाता है. उन्हें प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव भी मिला था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया.
अपांग ने दो अलग-अलग कार्यकालों में कुल 22 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद संभाला. उनका पहला कार्यकाल 1980 से 1999 तक और दूसरा 2003 से 2007 तक रहा.
लालथनहावला ने तीन अलग-अलग कार्यकालों में मिजोरम का नेतृत्व किया. उनके शासनकाल में सड़क नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए गए.
वीरभद्र सिंह ने चार बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए दो दशकों से अधिक समय तक राज्य का नेतृत्व किया.
माणिक सरकार ने 1998 से 2018 तक लगातार चार कार्यकाल में त्रिपुरा का नेतृत्व किया.
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने कई कार्यकालों में लगभग 20 वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया.
एम. करुणानिधि ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद पर कई बार कार्य किया और राज्य की राजनीति में स्थायी छाप छोड़ी.
प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब में कई कार्यकाल पूरे किए और वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में शामिल हुए.
नीतीश कुमार के नए कार्यकाल के साथ बिहार में राजनीतिक स्थिरता और अनुभव का महत्व फिर से सामने आया है. इन नेताओं की लंबी सेवा यह दिखाती है कि लगातार वर्षों तक राज्य का नेतृत्व करना कठिन परिश्रम, राजनीतिक समझ और जनता के विश्वास का परिणाम होता है.
First Updated : Sunday, 16 November 2025