मोदी शाह की कब्र खुदेगी… JNU में PM और गृह मंत्री के खिलाफ लगे आपत्तिजनक नारे, वीडियो वायरल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी और विवादों के केंद्र में आ गया है. कैंपस में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ लगे आपत्तिजनक नारों पर बीजेपी ने कड़ा पलटवार किया है, जिससे मामला और गरमा गया है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सियासी घमासान का केंद्र बन गया है. सोमवार, 5 जनवरी को कैंपस में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है.

जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) और वामपंथी संगठनों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन को सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, BJP ने इसे देश विरोधी मानसिकता करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है और प्रदर्शनकारियों पर जमकर हमला बोला है.

प्रदर्शन में किनके खिलाफ लगे नारे?

सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें इन नामों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सुना जा सकता है.

बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद किया गया.

दिल्ली पुलिस की भूमिका पर नजर

अब तक इस मामले में दिल्ली पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. हालांकि, विवाद बढ़ता देख यह संभावना जताई जा रही है कि पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती है.

BJP का तीखा हमला

वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं. पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि देशद्रोही उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में JNU में देर रात प्रदर्शन किया गया. उन्होंने कहा कि यह विरोध नहीं, बल्कि भारत विरोधी सोच को बढ़ावा देने की कोशिश है और इसे अर्बन नक्सलियों की गतिविधि बताया.

कपिल मिश्रा का बयान

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा बयान दिया. उन्होंने लिखा,"सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, सपोले बिलबिला रहे हैं. JNU में नक्सलियों, आतंकियों और दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारे लगाने वाले हताश हैं, क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहे हैं, आतंकी निपटाए जा रहे हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है."

क्यों हुआ प्रदर्शन? जानिए दो बड़ी वजहें

1. 5 जनवरी 2020 की JNU हिंसा की बरसी

सोमवार को JNU कैंपस में 5 जनवरी 2020 की हिंसा को छह साल पूरे हो गए. इस दिन नकाबपोश हमलावरों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया गया था. JNU शिक्षक संघ (JNUTA) ने इस दिन को "क्रूर हमले" की याद के रूप में मनाया और आरोप लगाया कि हमलावर आज भी पकड़े नहीं गए हैं.
वहीं, JNUSU ने 'गुरिल्ला ढाबा' कार्यक्रम आयोजित कर इसे प्रतीकात्मक विरोध का रूप दिया.

2. उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई की मांग

दूसरी बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का फैसला रहा. कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगा मामले में पूर्व JNU छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. छात्रों ने इस फैसले के विरोध में और उनकी रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी की. JNUSU ने इसे न्यायपालिका और छात्र आवाजों पर हमला बताया.

लाइब्रेरी सर्विलांस को लेकर भी तनाव

कैंपस में पिछले कुछ दिनों से लाइब्रेरी में फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम और मैग्नेटिक गेट लगाने को लेकर भी विरोध चल रहा है. इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस ने JNUSU के कुछ पदाधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे थे, जिसके खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया.

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