महिला आरक्षण बिल पर राहुल गांधी का हमला, कहा- ये सशक्तिकरण नहीं, चुनावी गेम है
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन को लेकर सरकार पर आरोप लगाया कि इसका मकसद महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं, बल्कि चुनावी नक्शे को बदलना है. उन्होंने कहा कि यह कदम OBC और दलितों की राजनीतिक हिस्सेदारी को कमजोर कर सत्ता को बनाए रखने की रणनीति है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन के प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से ही अंदाजा था कि यह बिल पारित नहीं हो पाएगा, फिर भी इसे लाया गया. उनके अनुसार, इस कदम के पीछे दो स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई. एक, देश के चुनावी ढांचे में बदलाव करना और दूसरा, महिलाओं के समर्थन का दावा करना.
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कदम एक तरह की जल्दबाजी में लिया गया फैसला है. उन्होंने कहा कि सरकार अच्छी तरह जानती थी कि यह विधेयक व्यावहारिक रूप से लागू नहीं हो सकेगा, लेकिन इसके जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोग इस रणनीति के पीछे के वास्तविक कारणों से भली-भांति परिचित हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं, बल्कि देश के चुनावी संतुलन को बदलना है. राहुल गांधी के मुताबिक, महिला आरक्षण को एक आवरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि राजनीतिक फायदे हासिल किए जा सकें और सत्ता को बनाए रखा जा सके. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए चुनाव क्षेत्रों की नई संरचना बनाकर पिछड़े वर्गों और दलित समुदायों की राजनीतिक आवाज को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.
राहुल गांधी ने किया विपक्ष का विरोध
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष इस कदम का विरोध करेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को सफल नहीं होने देगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल वास्तव में महिलाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह चुनावी नक्शे को अपने पक्ष में ढालने की एक योजना है.
अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं का योगदान केंद्रीय और प्रेरणादायक रहा है. हर व्यक्ति अपने जीवन में महिलाओं से सीखता है और उनसे प्रभावित होता है. बावजूद इसके, उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए महिलाओं को एक माध्यम बनाकर असल मकसद छिपाया जा रहा है.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जाति जनगणना को प्रतिनिधित्व से अलग रखने की कोशिश की जा रही है, जिससे ओबीसी और दलित समुदायों के अधिकारों पर असर पड़ेगा. उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रयास है जिससे इन वर्गों को राजनीतिक शक्ति से दूर रखा जा सके.
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक प्रभाव में कमी से घबराई हुई है और इसी कारण देश के राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है.


