Dhan Dhanya Agriculture Scheme: दिवाली के त्योहार से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को बड़ी सौगात दी है. शनिवार को दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से उन्होंने 24,000 करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत की. इस योजना को खासतौर पर उन जिलों के लिए लाया गया है, जहां कृषि उत्पादकता कम है और किसान आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.
इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसमें हर खेत तक सिंचाई, फसल उत्पादकता बढ़ाना, आसान ऋण की व्यवस्था और बेहतर भंडारण की सुविधा शामिल है. साथ ही, किसानों को नई कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. सरकार का मकसद है कि इन पिछड़े जिलों को 2030 तक राष्ट्रीय औसत तक लाया जाए.
इस योजना के तहत देश के 100 आकांक्षी जिलों को चुना गया है. ये वे क्षेत्र हैं जहां फसल उत्पादन बाकी जिलों की तुलना में काफी कम है. योजना से लगभग 1.7 करोड़ किसानों को सीधा फायदा होगा. साथ ही इन जिलों को 11 मंत्रालयों की 36 से अधिक योजनाओं का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा.
इन जिलों का चयन तीन प्रमुख मानकों पर किया गया है –
1. खेत से निकलने वाली पैदावार.
2. एक खेत में कितनी बार खेती होती है.
3. किसानों को ऋण और निवेश की कितनी सुविधा उपलब्ध है.
पीएम मोदी ने इस मौके पर दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दाल उत्पादन बढ़ाने का अभियान नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने का भी प्रयास है. सरकार बीते एक दशक से किसानों को बेहतर बीज, भंडारण और उपज की गारंटी देने पर काम कर रही है. इस मिशन से किसानों को दाल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों योजनाओं पर सरकार 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने जा रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि ये योजनाएं किसानों का भाग्य बदलने का काम करेंगी और उनकी आय बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाएंगी. First Updated : Saturday, 11 October 2025