नीतीश कुमार ने INDIA गठबंधन क्यों छोड़ा? जदयू नेता ने खोला राज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज एनडीए के अहम सहयोगी हैं, लेकिन कुछ समय पहले तक वही विपक्षी एकता के सबसे बड़े चेहरे थे। उन्होंने देशभर के नेताओं से बात करके INDIA गठबंधन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई थी।

Sachin Hari Legha

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज एनडीए के अहम सहयोगी हैं, लेकिन कुछ समय पहले तक वही विपक्षी एकता के सबसे बड़े चेहरे थे। उन्होंने देशभर के नेताओं से बात करके INDIA गठबंधन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई थी।

फिर एक बैठक के बाद उन्होंने गठबंधन का साथ छोड़ दिया और 2024 चुनाव से पहले भाजपा के साथ लौट आए। आखिर ऐसा क्या हुआ कि नीतीश का मोहभंग हो गया। इसकी वजह बताई है जदयू के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने।  

कब बनी थी सहमति   

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए संजय झा ने बताया कि 2023 की शुरुआत में विपक्षी पार्टियों के बीच सहमति बन गई थी कि नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाया जाए। कांग्रेस भी इस पर राजी थी। नीतीश खुद प्रधानमंत्री पद की दावेदारी नहीं कर रहे थे, लेकिन संयोजक की भूमिका पर सबकी हामी थी।  

दो नेताओं ने बदली पूरी तस्वीर   

झा के मुताबिक दिल्ली या मुंबई में हुई बैठक में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने नया प्रस्ताव रख दिया। दोनों ने कहा कि संयोजक किसी दलित नेता को होना चाहिए और मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सुझाया। झा का कहना है कि यह प्रस्ताव प्लानिंग के साथ रखा गया था। इससे कांग्रेस भी बैकफुट पर आ गई और मामला बिगड़ गया।  

उन्होंने कहा कि नीतीश को पद की चाह नहीं थी, लेकिन जब एक बार बात तय हो जाए तो उसे बदलना ठीक नहीं लगता। झा ने आरोप लगाया कि सिर्फ दो लोगों की वजह से पूरे गठबंधन की एकजुटता खत्म हो गई। इसके बाद गठबंधन में चीजें और खराब होती चली गईं।  

पटना बैठक से लेकर पाला बदलने तक   

नीतीश कुमार ने 2023 में भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाई थी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को एकजुट करने के लिए देशभर का दौरा किया। 23 जून 2023 को पटना में विपक्षी दलों की बड़ी बैठक हुई जिसमें लगभग सभी नेता शामिल हुए। इसी प्रक्रिया से INDIA गठबंधन बना।  

लेकिन दिसंबर 2023 तक नीतीश के फिर पाला बदलने की चर्चा शुरू हो गई। जनवरी 2024 में राजनीतिक हलचल तेज हुई और 28 जनवरी को नीतीश ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। महागठबंधन टूट गया और भाजपा के समर्थन से उन्होंने फिर सरकार बनाई। इस्तीफे के बाद नीतीश ने कहा था कि गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था और कार्यकर्ताओं की राय थी कि अलग हो जाना चाहिए।  

गठबंधन पर पड़ा असर    

नीतीश के जाने के बाद INDIA गठबंधन कमजोर पड़ गया। लोकसभा चुनाव तक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई। बंगाल में ममता ने कांग्रेस को सीट नहीं दी, पंजाब में केजरीवाल ने भी अकेले चुनाव लड़ा।

दिल्ली में गठबंधन था लेकिन पंजाब में अलग-अलग लड़ने से गठबंधन की साख को नुकसान हुआ। चुनाव नतीजों में भाजपा को झटका लगा, लेकिन विपक्ष भी ज्यादा फायदा नहीं उठा पाया। वहीं नीतीश कुमार अब एनडीए सरकार के अहम हिस्से बने हुए हैं।  

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो