अटारी बॉर्डर पर BSF जवानों को ए.आर. रहमान देंगे म्यूज़िकल ट्रिब्यूट, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
यह प्रोग्राम रविवार को शाम 4.30 से 5.30 बजे के बीच अटारी बॉर्डर के पास JCP स्टेडियम में रिट्रीट सेरेमनी के दौरान होगा। रहमान देश की हिफाजत में लगे BSF के बहादुर जवानों और महिला कर्मियों को संगीत के जरिए श्रद्धांजलि देंगे।

नई दिल्ली: ऑस्कर विजेता म्यूज़िक डायरेक्टर AR रहमान 7 जून को पंजाब के अटारी बॉर्डर पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों के लिए खास परफॉर्मेंस देने जा रहे हैं। 'जय हो - अ ट्रिब्यूट टू द ब्रेवहार्ट्स' नाम का यह इवेंट इम्तियाज़ अली की आने वाली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की टीम ने आयोजित किया है।
कब और कहां होगा इवेंट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रोग्राम रविवार को शाम 4.30 से 5.30 बजे के बीच अटारी बॉर्डर के पास JCP स्टेडियम में रिट्रीट सेरेमनी के दौरान होगा। रहमान देश की हिफाजत में लगे BSF के बहादुर जवानों और महिला कर्मियों को संगीत के जरिए श्रद्धांजलि देंगे।
आयोजकों के मुताबिक यह परफॉर्मेंस सीमा पर तैनात फोर्स के साहस, बलिदान और देशभक्ति के प्रति सम्मान जताने के लिए तैयार की गई है। इवेंट में रहमान के साथ डायरेक्टर इम्तियाज़ अली, एक्टर वेदांग रैना और फिल्म के गायक मोहित चौहान, पूजा तिवारी और नरगिस भी मौजूद रहेंगे। बिड़ला स्टूडियोज़, अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट और मोहित चौधरी के प्रोड्यूसर प्रतिनिधि भी इस मौके पर शामिल होंगे।
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की कहानी
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' भारत के बंटवारे के दौर की एक अधूरी प्रेम कहानी पर आधारित है। इसमें दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी मुख्य भूमिका में हैं। इम्तियाज़ अली ने बताया कि वह बंटवारे पर तब तक फिल्म नहीं बनाना चाहते थे जब तक उनके पास कहने के लिए कुछ अलग न हो।
उनका कहना है कि जब जंग हार-जीत में बदल जाती है तो पीछे क्या बचता है। 1947 की घटनाओं में फंसे एक इंसान के मन में क्या चलता होगा, यही सवाल फिल्म का केंद्र है। इम्तियाज़ ने कहा कि 78 साल बाद जब पीछे मुड़कर देखते हैं तो सबसे ज्यादा याद 1947 के दौर की जवानी की कोमलता और रोमांस आता है। फिल्म में वेदांग और शरवरी युवा प्रेमी बने हैं, जबकि नसीरुद्दीन शाह दिलजीत के दादा के रोल में हैं जो अपने पुराने प्यार को याद करते हैं।
12 जून को होगी रिलीज़
'मैं वापस आऊंगा' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म की रिलीज़ से पहले अटारी बॉर्डर पर होने वाला यह म्यूज़िकल ट्रिब्यूट जवानों के प्रति सम्मान और फिल्म के इमोशनल कोर को जोड़ने की कोशिश है।


