NEET री-एग्जाम पेपर लीक की अफवाहों पर NTA का बड़ा बयान, कहा- सब दावे फर्जी

NTA ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम के पेपर लीक और प्रश्नपत्र बिक्री से जुड़े सभी दावों को फर्जी और भ्रामक बताया है. एजेंसी ने छात्रों को अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही पेपर लीक की अफवाहों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए छात्रों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है. एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा से जुड़े कथित लीक प्रश्नपत्र, एडवांस एक्सेस और पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने जैसे दावे पूरी तरह निराधार हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.

NTA ने क्या बताया?

शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में NTA ने बताया कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स पर ऐसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि NEET-UG 2026 री-एग्जाम का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध है. एजेंसी ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों की चिंताओं और परीक्षा को लेकर उनकी संवेदनशीलता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

NTA के अनुसार, यह गतिविधियां संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं, जिनका उद्देश्य अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से पैसे ठगना है. ऐसे लोग नकली प्रश्नपत्र और झूठी जानकारी बेचकर छात्रों को गुमराह करते हैं. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी सामग्री का परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से कोई संबंध नहीं है.

एजेंसी ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं. NTA का कहना है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के लिए कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है. इसलिए छात्रों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है.

इसके साथ ही NTA ने बताया कि फर्जी दावे फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य माध्यमों की पहचान की जा रही है. संबंधित मामलों की जानकारी साइबर अपराध इकाइयों को दी गई है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. एजेंसी ने यह भी कहा कि परीक्षा से संबंधित झूठी सामग्री तैयार करना, उसे साझा करना या उसके जरिए आर्थिक लाभ लेने का प्रयास कानूनन अपराध है.

छात्रों और अभिभावकों को सलाह

छात्रों और अभिभावकों को सलाह देते हुए NTA ने कहा कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश पर विश्वास न करें, न ही किसी व्यक्ति या समूह को पैसे दें। परीक्षा से जुड़ी हर प्रमाणिक और आधिकारिक सूचना केवल NTA के अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाएगी. एजेंसी ने अभ्यर्थियों से अफवाहों से दूर रहकर अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है तथा निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

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