स्वीडन दौरे पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, भारत-यूरोप साझेदारी को मिली नई ताकत

स्वीडन के गोथेनबर्ग में पीएम नरेंद्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन की अहम मुलाकात हुई. दोनों देशों ने रिश्तों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देते हुए व्यापार, टेक्नोलॉजी और निवेश में नए सहयोग का बड़ा रोडमैप तैयार किया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दील्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के गोथेनबर्ग में स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति बनी. पीएम मोदी ने यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित किया और भारत-यूरोप संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया.

बैठक में स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस स्वीडन की युवराज राजकुमारी विक्टोरिया भी शामिल हुईं. उन्होंने स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ और क्वीन सिल्विया की ओर से शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने भी स्वीडिश सम्राट को उनके 80वें जन्मदिन की बधाई दी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊंचाई देने और उनके नेतृत्व के लिए स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया गया.

भारत-स्वीडन रिश्तों को मिला बड़ा दर्जा

भारत और स्वीडन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई. यह साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों और कई अहम क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को दर्शाती है. दोनों देशों ने इस नई साझेदारी को चार प्रमुख स्तंभों पर आगे बढ़ाने का फैसला किया. इनमें रणनीतिक संवाद और सुरक्षा, नई पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती तकनीक और भरोसेमंद कनेक्टिविटी, तथा स्वास्थ्य, पर्यावरण और वैश्विक मजबूती जैसे विषय शामिल हैं.

2026-2030 के लिए तैयार हुआ जॉइंट एक्शन प्लान

दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 को अपनाया, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा, जलवायु और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का रोडमैप तय किया गया है. बैठक में व्यापार, निवेश, इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, उभरती तकनीकों, रक्षा, डिजिटलाइजेशन, स्पेस, रिसर्च, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ते संबंधों की समीक्षा की गई.

व्यापार और तकनीक पर खास जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन की ओर से क्लीन टेक्नोलॉजी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, टिकाऊ मोबिलिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ लगातार सहयोग की सराहना की. वहीं, प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की प्रगति की तारीफ की. उन्होंने स्वीडन की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन सेक्टर में भारतीय समुदाय के योगदान को भी अहम बताया.

भारत-यूरोप FTA से बढ़ेंगी आर्थिक संभावनाएं

दोनों नेताओं ने कहा कि हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने आर्थिक और कारोबारी रिश्तों में एक नया अध्याय खोला है. दोनों पक्षों ने इस समझौते को जल्द लागू करने और व्यापार, निवेश तथा तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई.

वैश्विक सुधार और सप्लाई चेन पर चर्चा

मीटिंग में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई. नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में स्वीडन के समर्थन के लिए आभार जताया. दोनों देशों ने शांति, स्थिरता, मजबूत सप्लाई चेन और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई.

यूरोपीय उद्योग जगत को पीएम मोदी का संदेश

बाद में पीएम मोदी ने वोल्वो समूह द्वारा आयोजित उद्योग के लिए यूरोपीय गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोप के बड़े उद्योगपति और भारतीय-यूरोपीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया और कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में भरोसेमंद साझेदारियों की भूमिका बेहद अहम है.

भारत को बताया निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में से एक बताया. उन्होंने तेज आर्थिक विकास, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बदलावों का उल्लेख किया. उन्होंने भारत के लिए डिजाइन, भारत में निर्माण और भारत से निर्यात विजन को दोहराते हुए यूरोपीय कंपनियों को भारत के साथ अपने संबंध और मजबूत करने का न्योता दिया.

IMEC, AI और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

पीएम मोदी ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल भारत और यूरोप के कारोबारी सहयोग को नई गति देगी. उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को टेलीकॉम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, मोबिलिटी, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी के लिए आमंत्रित किया.

इंडिया-यूरोप CEO राउंडटेबल का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिभा, इनोवेशन और स्किल्ड वर्कफोर्स को भविष्य की वैश्विक विकास यात्रा का अहम आधार बताया. उन्होंने भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज सम्मेलन को हर साल आयोजित करने और यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में इंडिया डेस्क बनाने का प्रस्ताव भी रखा. गोथेनबर्ग में हुई ये मीटिंग भारत, स्वीडन और यूरोप के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही हैं.

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