केरलम के नए सीएम के रूप में वीडी सतीशन ने ली शपथ, राहुल गांधी और खरगे समेत कई नेता रहे मौजूद

केरलम के नए सीएम के रूप में वीडी सतीशन ने शपथ ले ली हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

तिरुवनंतपुरम: वीडी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. राजधानी में आयोजित शपथ समारोह में कई बड़े राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली. कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन औपचारिक रूप से पूरा हो गया.

वीडी सतीशन की परावुर सीट से बड़ी जीत

वीडी सतीशन ने 2026 के विधानसभा चुनाव में परावुर सीट से बड़ी जीत हासिल की. उन्हें कुल 78 हजार से अधिक वोट मिले और उन्होंने सीपीआई उम्मीदवार ईटी टायसन मास्टर को करीब 20,600 मतों के अंतर से हराया. यह लगातार छठा मौका है जब सतीशन इस सीट से विधायक चुने गए हैं. वह पिछले करीब 25 वर्षों से परावुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और पहली बार वर्ष 2001 में विधानसभा पहुंचे थे.

राज्य की राजनीति में वीडी सतीशन लंबे समय से कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का अहम चेहरा रहे हैं. वर्ष 2021 से वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे. इस दौरान उन्होंने राज्य की वामपंथी सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और विपक्ष की रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. चुनाव प्रचार के दौरान भी सतीशन ने प्रशासनिक फैसलों, कानून व्यवस्था और आर्थिक मामलों को लेकर तत्कालीन सरकार पर लगातार हमला बोला था.

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रहे चुके हैं सतीशन 

राजनीतिक अनुभव की बात करें तो सतीशन पहले केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2021 विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की जगह नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला था. उनके नेतृत्व में यूडीएफ ने इस बार चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया.

अगर चुनाव नतीजों की बात करें तो 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 22 सीटें मिलीं. दूसरी ओर, वाम मोर्चा यानी एलडीएफ को केवल 35 सीटों से संतोष करना पड़ा. वहीं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा राज्य में तीन सीटें जीतने में सफल रही.

नई सरकार के गठन के बाद अब राज्य में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीशन के सामने जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती होगी.

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