नागपुर में RSS हेडक्वार्टर के पास फायरिंग, 6 लोग गिरफ्तार
नागपुर के कोठी रोड क्षेत्र में दो गुटों के बीच पुराने विवाद और दबदबा कायम करने की लड़ाई को लेकर शुरू हुआ तनाव अचानक हिंसक झड़प में बदल गया. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की गई.

नागपुर: शनिवार देर रात फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. शहर के कोठी रोड क्षेत्र में दो गुटों के बीच पुराने विवाद और दबदबा कायम करने की लड़ाई को लेकर शुरू हुआ तनाव अचानक हिंसक झड़प में बदल गया. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की गई. घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
दोनों गुटों में चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि दोनों गुटों के बीच पहले से विवाद चल रहा था. क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखने को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था. वहीं कुछ स्थानीय सूत्रों ने प्रेम प्रसंग को भी इस विवाद की एक वजह बताया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी गई. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि मामले के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं. उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.
जांच में क्या सामने आया?
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. इनमें से कुछ पर एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है. ऐसे में पुलिस इस घटना को केवल आपसी झगड़े के रूप में नहीं बल्कि संगठित आपराधिक गतिविधियों से जोड़कर भी देख रही है.
घटना जिस इलाके में हुई, वह काफी संवेदनशील माना जाता है. यह स्थान आरएसएस मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसे इलाके में देर रात हुई फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों में घटना के बाद डर का माहौल है और पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है.
फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके. अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से लाए गए थे और इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.


