सुबह-सुबह चाय बागान पहुंचे PM मोदी, महिलाओं संग सेल्फी ली और चाय पत्तियां भी तोड़ीं; देखें प्रधानमंत्री का नया अवतार
आज पीएम मोदी असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने एक चाय बागान का दौरा किया और काम कर रही महिलाओं के साथ बातचीत और फोटोस भी खिचवाई.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार 1 अप्रैल की सुबह असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे. वहां उन्होंने एक चाय बागान का दौरा किया और काम कर रही महिलाओं से खुलकर बातचीत की. पीएम मोदी ने चाय की पत्तियां तोड़ने वाली इन महिलाओं के साथ समय बिताया और उनके अनुरोध पर सेल्फी भी ली. यह उनका सरल और मिलनसार अंदाज देखने लायक था.
चाय को बताया असम की आत्मा
इस दौरान पीएम मोदी ने चाय बागान की तस्वीरें अपने एक्स अकाउंट पर साझा की. उन्होंने लिखा कि चाय असम की आत्मा है. यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. सुबह डिब्रूगढ़ के चाय बागान में जाना और वहां काम करने वाली महिलाओं से बात करना उनके लिए बहुत यादगार अनुभव रहा.
पीएम ने आगे बताया कि चाय की पत्तियां तोड़ने के बाद महिलाएं उनसे अपनी संस्कृति के बारे में बताती रही. इसके बाद सबने मिलकर सेल्फी ली. उन्होंने कहा कि चाय बागान परिवारों की मेहनत और लगन पर उन्हें गर्व है. इनकी वजह से असम की प्रतिष्ठा और बढ़ी है.
We are very proud of the efforts of each and every tea garden family. Their hardwork and perseverance have enhanced Assam’s pride.
Here are some more glimpses from a tea garden in Dibrugarh. pic.twitter.com/L7je3s8JnO— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
महिलाओं के साथ घुलमिलकर बातें
चाय बागान में पीएम मोदी का यह दौरा काफी अनोखा रहा. वे आमतौर पर बड़े कार्यक्रमों में दिखते हैं, लेकिन यहां वे सीधे खेत में पहुंचे. महिलाओं ने उन्हें अपना काम दिखाया और अपनी बातें साझा की. पीएम ने भी ध्यान से सुना और उनका हौसला बढ़ाया. यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.
चुनाव के बीच महत्वपूर्ण दौरा
ध्यान रहे कि असम में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं. नतीजे 4 मई को आएंगे. बीजेपी की सरकार में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी पार्टी को दोबारा सत्ता दिलाने की कोशिश में जुटे हैं. कांग्रेस भी उन्हें कड़ी टक्कर दे रही है. ऐसे में पीएम मोदी का चाय बागान जाकर कामगारों से मिलना और उनकी तस्वीरें साझा करना साफ संदेश देता है.
बीजेपी चाय बागान के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है. यह दौरा उन लाखों मजदूरों तक पहुंच बनाने का प्रयास लगता है, जिनकी मेहनत असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.


