Manipur News: मणिपुर पिछले कई महीनों से हिंसा और अशांति का शिकार बना हुआ है. राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, खासकर हाई कोर्ट के आदेश के बाद. इस संघर्ष के कारण कई इलाकों में हिंसा हुई, जिसमें कई जानें गईं और हजारों लोग अपने घरों से पलायन करने को मजबूर हो गए. रविवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राज्य में राजनीतिक संकट और भी गहरा गया है.
एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा देने के बाद यह स्पष्ट किया कि वह तब तक केयरटेकर सीएम बने रहेंगे, जब तक राज्य को नया मुख्यमंत्री नहीं मिल जाता. इस दौरान मणिपुर में नई सरकार के गठन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बातचीत की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा. खासकर, NPP, JDU और अन्य छोटे दलों को मिलाकर सरकार बनाने की संभावनाओं की चर्चा हो रही है. यदि अगले कुछ दिनों में नई सरकार का गठन नहीं हो पाता, तो केंद्र सरकार मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकती है.
राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना इस वजह से बढ़ गई है क्योंकि वर्तमान स्थिति में कोई भी राजनीतिक दल मणिपुर में स्थिर सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है. यह इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि यदि छोटे दल मिलकर सरकार बना लेते हैं, तो उन्हें हिंसा और अशांति से निपटने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. राज्य में शांति स्थापित करने के लिए उन्हें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होगा, जिससे सरकार बनाने की प्रक्रिया और भी जटिल हो गई है.
रविवार को एन बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले वे दिल्ली पहुंचे थे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने मणिपुर लौटकर राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया. उनका इस्तीफा इस बात को और स्पष्ट करता है कि राज्य में नई सरकार की दिशा में बदलाव जरूरी है, हालांकि इस बदलाव का रास्ता अभी तक साफ नहीं है. First Updated : Monday, 10 February 2025