पंजाब में गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की भव्य तैयारी, सालभर चलेंगे विशेष आयोजन
पंजाब सरकार ने गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को खास बनाने की योजना बनाई है। सालभर कार्यक्रम होंगे। सरकार इस संदेश को दुनिया भर तक पहुंचाना चाहती है।

पंजाब में इस बार खास तैयारी देखने को मिल रही है। सरकार ने इस पर्व को बड़े स्तर पर मनाने का फैसला लिया है। यह आयोजन सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे साल अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। हर जिले में आयोजन किए जाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक रंग देखने को मिलेगा। लोगों में भी उत्साह बढ़ता दिख रहा है।
क्या सालभर कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
इस योजना में कई तरह के कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। कीर्तन समागम भी होंगे। धार्मिक यात्राएं निकाली जाएंगी। स्कूलों में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। डॉक्यूमेंट्री शो और ड्रोन शो भी होंगे। रक्तदान शिविर और पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
क्या मुख्य आयोजन कहां होगा?
इस पूरे आयोजन का केंद्र खुरालगढ़ होगा। यहां सबसे बड़ा कार्यक्रम रखा जाएगा। गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कथा और कीर्तन दरबार आयोजित होंगे। संत सम्मेलन भी होगा। 3D प्रोजेक्शन के जरिए संदेश दिखाया जाएगा। यह स्थान पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।
क्या संदेश को वैश्विक स्तर पर ले जाया जाएगा?
Bhagwant Mann ने साफ कहा है कि यह आयोजन सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। गुरु रविदास जी का संदेश दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। समानता और सम्मान का विचार फैलाया जाएगा। यह पूरी मानवता के लिए जरूरी माना जा रहा है। सरकार इसे बड़े स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है।
क्या संत समाज की क्या भूमिका होगी?
इस योजना में संत समाज को भी शामिल किया गया है। सरकार ने उनसे सुझाव मांगे हैं। उनकी मार्गदर्शन में कार्यक्रम तय होंगे। इससे आयोजन और प्रभावी बनेंगे। धार्मिक भावना को मजबूती मिलेगी। यह सामूहिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
क्या पर्यावरण के लिए भी कदम उठेंगे?
इस मौके पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। पंचायत की जमीन पर बाग विकसित किए जाएंगे। लाखों पौधे लगाए जाएंगे। हर जिले में यह अभियान चलेगा। इससे पर्यावरण को फायदा मिलेगा। धार्मिक आयोजन के साथ प्रकृति की रक्षा भी होगी।
क्या समाज को क्या संदेश मिलेगा?
यह आयोजन सिर्फ उत्सव नहीं है। यह एक संदेश देने का प्रयास है। गुरु रविदास जी ने समानता और सम्मान की बात कही थी। हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार बताया था। अब वही विचार फिर से लोगों तक पहुंचेगा। समाज में एकता बढ़ेगी। यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।


