मथुरा नाव हादसे ने जगरांव को रुलाया, एक साथ जली पांच चिताओं ने शहर को गहरे शोक में डुबो दिया
मथुरा में हुए नाव हादसे ने पंजाब के जगरांव को हिला दिया है। पांच शव एक साथ पहुंचे और एक साथ चिताएं जलीं, जिससे हर आंख नम हो गई।

जगरांव में बेहद दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। मथुरा हादसे के मृतकों के शव यहां लाए गए। एक साथ पांच चिताएं जलीं। माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। हर तरफ रोने की आवाजें थीं। परिवार के लोग बिलखते हुए अपनों को विदा कर रहे थे। यह दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। पूरा शहर शोक में डूब गया।
क्या मथुरा में हुआ था बड़ा हादसा
मथुरा के वृंदावन में यह हादसा हुआ। यमुना नदी में एक मोटरबोट पलट गई। नाव में कई श्रद्धालु सवार थे। पोंटून पुल से टकराने के बाद यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई। छह महिलाएं भी मृतकों में शामिल थीं। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह हादसा कुछ ही पलों में बड़ी त्रासदी बन गया।
क्या परिवारों में पसरा गहरा मातम
मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है। हर घर में मातम पसरा है। माता-पिता अपने बच्चों को याद कर रो रहे हैं। पत्नियां अपने पति को खोकर टूट गई हैं। बच्चे अपने अपनों को खोज रहे हैं। इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है। हर आंख नम दिखाई दे रही है।
क्या थी इस यात्रा की पूरी योजना
जगरांव से लोग धार्मिक यात्रा पर निकले थे। दो बसों में करीब 120 लोग सवार थे। वे वृंदावन दर्शन के लिए गए थे। सुबह सभी सुरक्षित पहुंच गए थे। कुछ लोग धर्मशाला में ही रुक गए। करीब 30 लोग यमुना नदी की ओर चले गए। उन्होंने नाव में सवारी की। लेकिन यही सफर हादसे में बदल गया।
क्या ऐसे पलटी नाव यमुना में
यमुना में अस्थायी पीपा पुल बना हुआ था। पानी बढ़ने के कारण वह हिलने लगा था। नाव उससे टकरा गई। टकराते ही नाव पलट गई। लोग पानी में गिर गए। कुछ लोगों को आसपास के लोगों ने बचा लिया। लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। यह हादसा बहुत तेजी से हुआ। किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
क्या सरकार और प्रशासन सक्रिय हुआ
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann जगरांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। परिवारों से मुलाकात कर दुख साझा किया। प्रशासन ने मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया। मथुरा प्रशासन से संपर्क किया गया। घायलों का इलाज जारी है। सरकार ने हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
क्या इस हादसे ने उठाए बड़े सवाल
यह हादसा कई सवाल छोड़ गया है। क्या सुरक्षा में कमी थी। क्या नाव चलाने में लापरवाही हुई। क्या यात्रियों को खतरे की जानकारी नहीं थी। परिवार अब जवाब चाहते हैं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है। यह एक चेतावनी भी है। ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।


