नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र आज अपने आठवें दिन में प्रवेश कर रहा है. 1 दिसंबर को शुरू हुए इस सत्र में अब तक सात दिनों की कार्यवाही पूरी हो चुकी है, जिसमें 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ और चुनाव सुधार जैसे अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली है. हर दिन की तरह आज भी दोनों सदनों में भारी हंगामे की संभावना जताई जा रही है, खासकर क्योंकि आज चुनाव सुधारों पर विस्तृत चर्चा निर्धारित है.
पिछले कुछ दिनों से संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है. मंगलवार को भी कई मुद्दों पर गर्मागर्म बहस हुई थी. अब आज राज्यसभा और लोकसभा दोनों में एक बार फिर इन बहसों का रुख तीखा रहने की उम्मीद है. राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रही चर्चा आज भी जारी रहेगी. मंगलवार को हुई बहस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने भाग लिया था.
आज की कार्यवाही में नियमित प्रक्रियाओं के बाद फिर से बहस शुरू होगी, जिसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (लगभग 1 बजे) और कांग्रेस के जयराम रमेश के हिस्सा लेने की संभावना है. इस चर्चा के समाप्त होने के बाद सदन में चुनाव सुधारों पर बहस शुरू होगी. उम्मीद है कि इसकी शुरुआत कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे. कांग्रेस की ओर से अजय माकन, दिग्विजय सिंह और रणदीप सिंह सुरजेवाला अपने तर्क रखेंगे.
लोकसभा में भी आज चुनाव सुधार प्रमुख मुद्दा रहेगा. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, इमरान मसूद और वर्षा गायकवाड़ सहित विपक्ष के कई सांसद अपनी बात रखेंगे. शाम लगभग 5 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव सुधारों पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देंगे.
मंगलवार को लोकसभा में बहस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ सबसे बड़ा राष्ट्रविरोधी कदम है और सत्ता पक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) निर्वाचन आयोग सहित अन्य संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं. राहुल गांधी ने यह भी मांग की कि सभी राजनीतिक दलों को मतदान से एक महीने पहले मशीन-रीडेबल मतदाता सूची प्रदान की जाए, मतदान के समय की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जाए और ईवीएम की संरचना से जुड़ी जानकारी साझा की जाए.
कांग्रेस नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा-शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की भी आलोचना की, जिसके तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं.
First Updated : Wednesday, 10 December 2025