Rahul Gandhi: लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और चुनावी ईमानदारी को स्थापित करने की वकालत करते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार के सासाराम से अपनी बहुप्रतीक्षित 'वोटर अधिकार यात्रा' की शुरुआत करेंगे. यह 16 दिनों तक चलने वाली यात्रा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बहाने मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने और व्यवस्थित वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ उठाने का एक सशक्त प्रयास है.
इस यात्रा की शुरुआत बिहार से की गई है, क्योंकि विपक्ष का मानना है कि मताधिकार से वंचित करने की सबसे गंभीर शिकायतें यहीं से सामने आई हैं. इस यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसे कांग्रेस लोकतांत्रिक संघर्ष में निर्णायक मोड़ मान रही है.
यह यात्रा इंडिया अलायंस के बैनर तले निकाली जा रही है. इसमें राजद के नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. कांग्रेस का कहना है कि यह महज़ एक यात्रा नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है जो गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और वंचित समुदायों की आवाज़ को मज़बूती देगा.
पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू होकर 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. रास्ते में यह यात्रा अंबा-कुंडुम्बा, वजीरगंज, शेखपुरा, मुंगेर, कटिहार, सुपौल, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेतिया और छपरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरेगी. हर स्थान पर सभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को जोड़ा जाएगा.
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत के चलते मतदाता सूचियों में हेरफेर की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह केवल वोट की चोरी नहीं, बल्कि पहचान की चोरी है. इससे समुदायों को न केवल चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और लोकतांत्रिक हिस्सेदारी से भी वंचित किया जा रहा है.
खेड़ा ने यह भी बताया कि विपक्ष और नागरिक समाज की लगातार शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट के दबाव में चुनाव आयोग को जांच के लिए मजबूर होना पड़ा. कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा जनता को उनके संवैधानिक अधिकारों के महत्व का एहसास दिलाने और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम है.
यह यात्रा कहीं न कहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की याद दिलाती है, जिसने देश की राजनीतिक दिशा पर गहरा असर डाला था. कांग्रेस मानती है कि राहुल गांधी एक बार फिर जनता की नब्ज पकड़ रहे हैं और लोकतंत्र में छुपकर पनप रही सत्तावादी प्रवृत्तियों को चुनौती दे रहे हैं.
First Updated : Sunday, 17 August 2025