Rashtrapati Bhavan Historic Wedding: राष्ट्रपति भवन में आज एक ऐतिहासिक घटना घटने जा रही है, जब पहली बार शहनाई बजेगी. आज, 12 फरवरी को राष्ट्रपति भवन के मदर टेरेसा क्राउन कॉम्प्लेक्स में सीआरपीएफ के दो अफसरों, पूनम गुप्ता और अवनीश कुमार की शादी होने वाली है. यह न केवल एक व्यक्तिगत घटना है, बल्कि यह राष्ट्रपति भवन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी, क्योंकि यहां पहली बार किसी शादी समारोह का आयोजन हो रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विवाह को मंजूरी दी है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण क्षण है.
इस विवाह समारोह में केवल परिवार के करीबी सदस्य ही शामिल होंगे, क्योंकि यह आयोजन बेहद निजी और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत होगा. इस विवाह को लेकर राष्ट्रपतिव भवन और सीआरपीएफ दोनों के अधिकारी काफी उत्साहित हैं. आइए, जानते हैं इस ऐतिहासिक विवाह के बारे में विस्तार से.
इस ऐतिहासिक शादी के दूल्हा-दुल्हन की बात करें तो, दुल्हन पूनम गुप्ता, जो सीआरपीएफ में पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर हैं, और दूल्हा अवनीश कुमार, जो सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट हैं, एक-दूसरे के जीवनसाथी बनने जा रहे हैं. पूनम गुप्ता ने 74वें गणतंत्र दिवस परेड में महिला टुकड़ी का नेतृत्व किया था और अब वे इस प्रतिष्ठित शादी में भाग ले रही हैं. अवनीश कुमार फिलहाल जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं. इस शादी में उनके परिवार के लोग ही मुख्य रूप से शामिल होंगे, और यह समारोह निजी तौर पर आयोजित किया जाएगा.
पूनम गुप्ता की उत्कृष्ट पेशेवर सेवा और सीआरपीएफ के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विवाह को अपनी मंजूरी दी है. यह एक सम्मानजनक और ऐतिहासिक क्षण है, जो भारतीय सेना और सीआरपीएफ के जवानों के कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है. राष्ट्रपति भवन में किसी भी शादी के आयोजन की यह पहली बार अनुमति दी गई है.
पूनम गुप्ता मध्य प्रदेश की निवासी हैं और उनकी शिक्षा बहुत ही प्रभावशाली रही है. वे गणित में ग्रेजुएट हैं, इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पीजी की डिग्री प्राप्त की और बीएड भी किया. 2018 में UPSC CAPF परीक्षा पास करने के बाद, पूनम ने सीआरपीएफ में अपनी सेवाएं दी. बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में उन्होंने अपनी साहसिक सेवाएं दी हैं और देश की सुरक्षा के प्रति उनका समर्पण अविस्मरणीय है.
राष्ट्रपति भवन को प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्थापत्य स्थलों में से एक है. इस भवन का मुख्य ढांचा 200,000 वर्ग फुट से भी अधिक है और इसमें 340 कमरे हैं. यह इटली के क्विरिनल पैलेस के बाद दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों के आवासों में दूसरा सबसे बड़ा आवास है. अब तक इस भवन के परिसर में कभी भी किसी शादी का आयोजन नहीं हुआ था, लेकिन आज यह ऐतिहासिक पल बन रहा है. First Updated : Wednesday, 12 February 2025