Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ के बाद अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का फैसला लिया है. हादसे के चलते कई संत और महात्मा संगम तट तक पहुंचे बिना ही वापस लौट गए. बता दें कि मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. इस घटना को देखते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र गिरी ने निरंजन छावनी से घोषणा की कि अखाड़े अमृत स्नान नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ''इस भीड़ में अखाड़ों के जाने से स्थिति और गंभीर हो सकती थी, इसलिए हमने यह निर्णय लिया है.''
आपको बता दें कि अखाड़ा परिषद के फैसले के बाद महानिर्वाणी अखाड़ा ने अपना जुलूस रास्ते से ही लौटा लिया. जूना अखाड़ा ने भी अपनी शोभायात्रा रोककर छावनी में वापसी कर ली. अंजलि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि भी हादसे की खबर सुनकर छावनी पहुंचे.
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, ग्रीन कॉरिडोर बना
वहीं आपको बता दें कि हादसे के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है. घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. केंद्रीय अस्पताल में डॉक्टरों की पूरी टीम घायलों के इलाज में जुटी है, जबकि एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है.
PM मोदी ने सीएम योगी से की बात
इसके अलावा आपको बता दें कि भगदड़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर घटना की पूरी जानकारी ली. पीएम ने हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए निर्देश दिए कि पीड़ितों को तत्काल सहायता दी जाए. First Updated : Wednesday, 29 January 2025