सराय काले खां से मेरठ सिर्फ एक घंटे में! दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर कब खुलेगा? सामने आई तारीख

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन सराय काले खां 17 सितंबर को उद्घाटन के लिए तैयार है. 82.15 किमी लंबे इस रूट से नमो भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली-मेरठ की यात्रा अब सिर्फ एक घंटे में पूरी होगी. 30,000 करोड़ की लागत से बना यह स्टेशन मल्टी-मॉडल हब बनकर तेज, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा देगा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Delhi Meerut RRTS: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन सराय काले खां अब संचालन के लिए लगभग तैयार है. संभावना है कि इसका उद्घाटन 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर किया जाएगा, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के सराय काले खां से उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम तक 82.15 किलोमीटर लंबा पूरा कॉरिडोर जल्द चालू हो सकता है, जिसमें कुल 16 स्टेशन होंगे.

तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव

इस स्टेशन के चालू होने से सराय काले खां से मेरठ तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार, अब नमो भारत ट्रेन से दिल्ली से मेरठ तक मात्र एक घंटे में सफर पूरा किया जा सकेगा. यह ट्रेन हर स्टेशन पर रुकते हुए यात्रियों को तेज़, समयबद्ध और आरामदायक सेवा प्रदान करेगी.

सराय काले खां स्टेशन की लंबाई 215 मीटर, चौड़ाई 50 मीटर और ऊंचाई 15 मीटर है, जो इसे आरआरटीएस नेटवर्क के सबसे बड़े स्टेशनों में शामिल बनाता है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां एक साथ बड़ी संख्या में यात्री आसानी से आवाजाही कर सकें.

मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का केंद्र

यह स्टेशन तीन अलग-अलग आरआरटीएस कॉरिडोर को आपस में जोड़ने का काम करेगा, जिससे यात्रियों को निर्बाध अंतर्संबंध की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा, यह एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में भी विकसित किया गया है जो बस टर्मिनलों, मेट्रो लाइनों और रेलवे स्टेशनों से जुड़ा हुआ होगा. इससे यात्रियों को एक ही जगह से विभिन्न परिवहन साधनों तक आसान पहुंच मिल सकेगी.

सभी ट्रेनसेटों का डिजाइन हैदराबाद में किया गया है जबकि इनका निर्माण गुजरात के एल्सटॉम संयंत्र में हुआ है. इस पूरे स्टेशन और कॉरिडोर निर्माण परियोजना पर लगभग 30,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. अनुमान है कि इस परियोजना के संचालन से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा मौजूदा 37 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत तक हो सकता है.

भारत की सबसे तेज ट्रेन

Namo Bharat Train को आरआरटीएस के तहत खास तौर पर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलती है, जिससे इसे वर्तमान में भारत की सबसे तेज ट्रेन का दर्जा मिला है. इसने गतिमान एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों को पीछे छोड़ दिया है, जो पहले 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती थीं. हालांकि, जून 2024 में जारी निर्देश के बाद इन ट्रेनों की गति घटाकर 130 किमी/घंटा कर दी गई थी.

नमो भारत ट्रेन फिलहाल छह कोच वाली कुल 30 ट्रेनों का संचालन कर रही है, जो दिल्ली के न्यू अशोक नगर से उत्तर प्रदेश के मेरठ दक्षिण तक हर 15 मिनट में सेवा प्रदान करती हैं. इन ट्रेनों में अत्याधुनिक तकनीक, आरामदायक सीटें, बेहतर सुरक्षा और समयबद्ध संचालन की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प प्रदान करती है.

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