नई दिल्ली: दिल्ली में जारी CJP के आंदोलन और संसद मार्च को लेकर सियासी माहौल गर्म है. इसी बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. हालांकि, इस मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
संसद के मानसून सत्र के दौरान हुई इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है. चूंकि मुलाकात के एजेंडे का खुलासा नहीं हुआ है, इसलिए इसे लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से बातचीत के विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
इस मुलाकात की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इससे एक दिन पहले ही शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचकर CJP के आंदोलन का समर्थन करते नजर आए थे. उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की थी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल भी उठाए थे. ऐसे में अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है.
CJP का आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है. संगठन ने संसद के मानसून सत्र के दौरान अपनी मांगों को लेकर संसद मार्च का आह्वान किया था.
20 जुलाई को हजारों छात्र और समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने पहले से लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोका. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई.
संसद मार्च को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. हालात बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया.
शरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष लगातार CJP आंदोलन और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है. इसलिए इस बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, जब तक दोनों पक्ष आधिकारिक रूप से बातचीत का विषय साझा नहीं करते, तब तक इस मुलाकात के उद्देश्य को लेकर केवल अटकलें ही लगाई जा सकती हैं. First Updated : Wednesday, 22 July 2026