सुवेंदु सरकार का सबसे बड़ा दांव आज, UCC बिल पर विधानसभा में होगा जबरदस्त हंगामा, TMC के दो गुट भिड़ने को तैयार
पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार आज विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करेगी, जिसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. टीएमसी के दोनों गुट अलग-अलग रणनीति के साथ बिल का विरोध करने की तैयारी में हैं.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन काफी अहम माना जा रहा है. राज्य की सुवेंदु सरकार विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने जा रही है. मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून लाने के साथ-साथ राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में इस विधेयक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
विधानसभा में होगी तीखी बहस
यूसीसी विधेयक पर सदन में जोरदार चर्चा होने की संभावना है. विधानसभा के दूसरे सत्र में इस बिल पर बहस होगी, जिसमें मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और कई वरिष्ठ विधायक अपनी-अपनी राय रखेंगे. सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण विधेयक के पारित होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर यह बहस काफी महत्वपूर्ण होगी.
टीएमसी के दो गुट आमने-सामने
इस बार मुकाबला केवल सरकार और विपक्ष के बीच नहीं रहेगा. तृणमूल कांग्रेस के दो अलग-अलग गुट भी इस विधेयक का विरोध करने की तैयारी में हैं. दोनों गुट खुद को पार्टी की असली राजनीतिक विरासत का प्रतिनिधि बताते हुए अलग-अलग रणनीति के साथ सदन में उतरेंगे. दोनों की कोशिश होगी कि यूसीसी के विरोध में सबसे प्रभावी आवाज वही बनें.
अलग-अलग रणनीति से होगा विरोध
जानकारी के अनुसार, दोनों गुटों ने अपने-अपने वक्ताओं और राजनीतिक तर्कों की तैयारी कर ली है. एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुट इस विधेयक को संवैधानिक मूल्यों और देश की विविधता के खिलाफ बता रहा है. उनका कहना है कि यूसीसी जैसे विषय पर व्यापक सामाजिक सहमति जरूरी है. ममता बनर्जी ने अपने नेताओं को विधानसभा के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करने के निर्देश दिए हैं.
ऋतब्रत गुट ने भी उठाए सवाल
दूसरी ओर, विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी का गुट भी सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहा है. उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण कानून को जल्दबाजी में नहीं लाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि सभी पक्षों से चर्चा और सलाह के बाद ही ऐसा विधेयक पेश किया जाना चाहिए.
क्या है यूसीसी का उद्देश्य?
सरकार के प्रस्तावित यूसीसी का मकसद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों के लिए सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होने वाला एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है. अब सबकी निगाहें विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां इस विधेयक को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है.


