14 फरवरी से पहले आतंकी खतरा! पुलवामा हमले की बरसी पर घुसपैठ की आशंका, सुरक्षा बल सतर्क
सूत्रों की मानें तो सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खास तौर पर महत्वपूर्ण इमारतें, चहल-पहल भरे बाजार और सुरक्षाबलों के काफिले अब पहले से ज्यादा सतर्क रहेंगे. हर छोटी-बड़ी आशंका पर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी नजदीक आते ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. 14 फरवरी 2019 को हुए उस कायराना हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर विस्फोटक से भरी कार से हमला कर 40 जवान शहीद कर दिए थे. इस काले दिन की याद में हर साल देश शहीदों को श्रद्धांजलि देता है, लेकिन इस बार सुरक्षा इनपुट्स ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट्स के आधार पर पूरे क्षेत्र में चेकिंग और निगरानी को और मजबूत कर दिया गया है. पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य बलों ने संयुक्त अभियान तेज कर दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके. आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि देखते ही तुरंत सूचना दें.
सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया गया
सुरक्षा एजेंसी के इनपुट ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है. पुलवामा हमले की बरसी पर आतंकी तत्व कोई बड़ी साजिश रच सकते हैं, इस आशंका के चलते सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
चेकिंग अभियान और नाके बढ़ाए गए
पुलिस तथा अन्य सुरक्षाबलों ने चेकिंग अभियान को तेज कर दिया है. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं, जहां वाहनों की गहन जांच की जा रही है. यह कदम किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है.
आम लोगों से सतर्कता की अपील
अधिकारियों ने आम लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को देने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि जनता की सहयोग से ही सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है.


