राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जांच तेज़ कर दी है. शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकवादी हमले से पहले, दो आतंकी पहलगाम के बैसरन घाटी में स्थित एक फूड स्टॉल के पास पहले से बैठे हुए थे. यह हमलावर एक दिन पहले ही हमले की योजना बना चुके थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्होंने हमले को टाल दिया था. 22 अप्रैल को जब मौसम सुधरा और पहलगाम में पर्यटकों की भीड़ बढ़ी, तो आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया.
गवाहों के अनुसार, दो आतंकवादी अचानक ही फूड स्टॉल के पास से निकले और वहां बैठे पर्यटकों से उनका धर्म पूछा. जब चार लोगों ने बताया कि वे हिंदू हैं, तो उन्हें गोलियों से भून दिया गया. इस दौरान आतंकियों ने अन्य पर्यटकों से भी कलमा पढ़वाया और उनकी पैंट उतारकर उनका खतना चेक किया. इसके बाद उन लोगों को नजदीक से सिर में गोली मारी गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे मर गए हैं. यह पूरी घटना महज दो से तीन मिनट में घटित हुई, और इसके बाद कुछ और आतंकवादी पास के जंगल से आकर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे, जिससे दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. इस हमले में कुल 26 लोग मारे गए, जिनमें एक स्थानीय घोड़ा चालक आदिल भी शामिल था.
NIA ने बताया कि यह हमला पहले से योजना के तहत था और आतंकवादियों ने पूरे इलाके की रेकी की थी. 20 और 21 अप्रैल को बारिश के कारण हमले की तारीख को टाल दिया गया था. 22 अप्रैल को पहलगाम में लगभग 5000 लोग थे, जिनमें स्थानीय और बाहरी पर्यटक शामिल थे. यही संख्या आतंकियों को हमले के लिए उपयुक्त लगी.
NIA की टीम ने स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ शुरू कर दी है और होटलों के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इलाके में हाल ही में कोई संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं. NIA ने यह भी कहा कि इस मामले में अभी तक किसी एक एंगल को खारिज नहीं किया जा सकता, और जांच के दौरान और भी नई जानकारियां सामने आ सकती हैं. First Updated : Tuesday, 29 April 2025