क्या कर्नाटक को मिलने वाला है नया मुख्यमंत्री? दिल्ली पहुंचे सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली बुलाया है. इस बैठक ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: कर्नाटक की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की दिल्ली यात्रा ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को तेज कर दिया है. कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को एक साथ दिल्ली बुलाया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस में बड़ा फैसला हो सकता है.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद पुष्टि की कि उन्हें कांग्रेस हाईकमान की ओर से बैठक के लिए बुलाया गया है. उन्होंने बताया कि एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फोन कर बैठक का समय और तारीख दी, हालांकि बैठक का एजेंडा उन्हें नहीं बताया गया. इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि बेहद अहम हो सकती है. दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंच चुके हैं. पिछले कई महीनों से उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा रहे हैं. 

मंत्रिमंडल फेरबदल की भी चर्चा

सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राज्य मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है. सिद्धारमैया ने हाल ही में अपने तीन साल पूरे होने के बाद संकेत दिए थे कि 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन में नई ऊर्जा लाने की जरूरत है. इसी वजह से मंत्रिमंडल फेरबदल पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि कई विधायक और एमएलसी दिल्ली पहुंच चुके हैं. इनमें वे नेता भी शामिल हैं जो लंबे समय से मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं. 

कांग्रेस नेताओं में बढ़ रही चिंता

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नेतृत्व को लेकर लगातार चल रही चर्चाओं का असर सरकार की छवि पर पड़ रहा है. पार्टी के भीतर यह चिंता साफ दिखाई दे रही है कि यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो इसका असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है. इसी कारण कई नेता चाहते हैं कि हाईकमान अब इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाए. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ मंत्री भी दिल्ली पहुंचे हैं. इनमें सतीश जारकीहोली, जी परमेश्वर और एचसी महादेवप्पा जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बैठक में केवल नेतृत्व परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राज्यसभा चुनावों पर भी चर्चा हो सकती है. कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होने हैं और कांग्रेस तीन सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है. ऐसे में उम्मीदवारों के चयन और राजनीतिक संतुलन को लेकर भी हाईकमान रणनीति तैयार कर सकता है. फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है.

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