ट्विशा शर्मा केस: 7 लाख और गर्भपात विवाद में नया मोड़, पति के बयान से खुला चौंकाने वाला राज

ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम ने मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह से तीन घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: नोएडा की पूर्व मॉडल और मिस पुणे खिताब विजेता ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है. CBI द्वारा इस हाई-प्रोफाइल 'दहेज मृत्यु' मामले की कमान औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने से ठीक पहले मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम ने मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह से तीन घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की.

 चौंकाने वाले पहलू

इस पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं. जिसमें गर्भावस्था, अबॉर्शन के बाद उपजा तनाव और सात लाख रुपये के लेन-देन का जिक्र शामिल है. सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद केंद्रीय एजेंसी ने अब इस मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं.

अबॉर्शन और आपसी रिश्तों में कड़वाहट का दावा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को केस डायरी सौंपने से पहले एसआईटी ने न केवल समर्थ सिंह से पूछताछ की बल्कि क्राइम सीन का करीब दो घंटे तक री-क्रिएशन भी किया. पूछताछ के दौरान पेशे से वकील समर्थ सिंह ने जांचकर्ताओं के सामने दावा किया कि ट्विशा अपनी गर्भावस्था के समाप्त होने यानी अबॉर्शन के बाद से डिप्रेशन से गुजर रही थीं. जब ट्विशा को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला था तभी से उन दोनों के वैवाहिक संबंधों में कड़वाहट आनी शुरू हो गई थी. उसने पूछताछ में यह भी दोहराया कि उसने ट्विशा को सात लाख रुपये दिए थे. 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान 

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा बीते 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. ससुराल पक्ष और शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया. जबकि मायके पक्ष ने सीधे तौर पर हत्या और साजिश का आरोप लगाया है. समर्थ ट्विशा को रात करीब 12:05 बजे एम्स अस्पताल लेकर पहुंचा था जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मौत की क्या वजह बताई गई

शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताई गई है लेकिन शरीर पर लगी चोटों के कई निशान भी मिले हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एम्स दिल्ली की एक विशेषज्ञ टीम से दूसरा पोस्टमार्टम भी कराया गया है जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि 9 दिसंबर 2025 को हुई शादी के बाद से ही समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह कम दहेज मिलने के कारण ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे.

 सीबीआई की सख्त कार्रवाई

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच तत्काल सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी परिवार मीडिया में बयानबाजी करके चल रही जांच को प्रभावित न करे.

किन धाराओं के तहत समर्थ को गिरफ्तार किया

अदालत के आदेश के तुरंत बाद सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट ने भोपाल पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है. केंद्रीय एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच को आक्रामक गति दे दी है.

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