प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में महाकुंभ को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की सफलता 'सबका प्रयास' का एक बेहतरीन उदाहरण है. जिसके दौरान पूरी दुनिया ने भारत की भव्यता देखी. पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ उभरते भारत की भावना को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ की सफलता में कई लोगों की भूमिका रही. मैं सरकार और समाज के सभी कर्मयोगियों को धन्यवाद देता हूं.
आपको बता दें कि 144 वर्षों के बाद आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक 45 दिवसीय महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो गया, जिसमें 66 करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के पवित्र संगम त्रिवेणी पर डुबकी लगाई.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी को महाकुंभ से जुड़ते हुए देखना बहुत खुशी की बात है, जो परंपराओं और आस्था को गर्व के साथ अपना रही है. कुंभ में कई राजनेताओं, अभिनेताओं और विदेशी गणमान्य लोगों ने भाग लिया.उन्होंने कहा कि हम सभी ने महाकुंभ के आयोजन के लिए किए गए भव्य प्रयास को देखा. मैंने लाल किले की प्राचीर से 'सबका प्रयास' के महत्व पर जोर दिया था. पूरी दुनिया ने महाकुंभ के रूप में भारत की भव्यता को देखा. हमने महाकुंभ में एक राष्ट्रीय जागृति देखी, जो नई उपलब्धियों को प्रेरित करेगी. इसने हमारी ताकत पर संदेह करने वालों को भी करारा जवाब दिया.
मोदी ने कहा कि आज जब पूरा विश्व चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहा है, तो इस एकता का भव्य प्रदर्शन हमारी बहुत बड़ी ताकत है. हमने हमेशा कहा है कि विविधता में एकता भारत की विशेषता है और प्रयागराज में हमने इसे बड़े पैमाने पर देखा. हमारी जिम्मेदारी है कि हम विविधता में एकता की इस विशेषता को और समृद्ध करते रहें. उन्होंने कहा कि विविधता में एकता भारत की विशेषता है, हमने प्रयागराज में इसका अनुभव किया और इसे और समृद्ध करना जारी रखना चाहिए.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले वर्ष राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सभी ने देखा कि कैसे देश अगले 1000 वर्षों के लिए खुद को तैयार कर रहा है. महाकुंभ के दौरान यह विचार और भी मजबूत हुआ। देश के सामूहिक जागरण ने सामूहिक शक्ति को बढ़ाया. First Updated : Tuesday, 18 March 2025