नई दिल्लीः दिल्ली के व्यस्त इलाके में सोमवार शाम हुए एक शक्तिशाली विस्फोट ने पूरे शहर को दहला दिया. यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के ठीक बाहर हुआ, जो शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. घटना में आठ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए, जिस कारण सुरक्षा एजेंसियों ने इसे संभावित आतंकी हमला मानकर जांच शुरू कर दी है.
लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि आठ शव वहां लाए गए. इनमें से दो मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि छह अभी अज्ञात हैं. अस्पताल ने यह भी बताया कि शवों पर कोई जलने के काले निशान नहीं थे, जिससे संकेत मिलता है कि विस्फोट अत्यधिक दबाव और गर्मी से हुआ. अस्पताल स्टाफ को एक अलग-थलग पड़ा शरीर का अंग भी मिला, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतें हिल गईं और लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे. घटना स्थल पर खड़ी कम से कम तीन से चार गाड़ियां विस्फोट की आग में झुलस गईं. जांच से पता चला है कि विस्फोट वाहन के पीछे के हिस्से में हुआ था, जिसके बाद आग तेजी से फैली. कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया.
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विस्फोट के सिलसिले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. हालांकि उसकी पहचान या भूमिका सार्वजनिक नहीं की गई है. जांच कई एजेंसियों द्वारा मिलकर की जा रही है, जिससे साफ है कि मामला गंभीर है और इसे किसी बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है.
विस्फोट की तीव्रता और घटना स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तुरंत एक टीम तैनात कर दी. फोरेंसिक विशेषज्ञ कार के मलबे, आसपास की सड़क और अवशेषों से नमूने इकट्ठा कर रहे हैं. शुरुआती अनुमान है कि कार में IED रखा गया था, पर उसकी प्रकृति और स्रोत की पुष्टि अभी बाकी है.
धमाके के बाद दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. सभी मेट्रो स्टेशन, बाजार, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सूत्र कहते हैं कि उत्तर प्रदेश सहित आस-पास के राज्यों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
लाल किला मेट्रो स्टेशन पुरानी दिल्ली के व्यापारिक और पर्यटन क्षेत्र के पास है. शाम के समय यहां भारी भीड़ रहती है, जिसमें यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल होते हैं. ऐसे समय पर विस्फोट होने से हताहतों की संख्या बढ़ गई.
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट कैसे और किस उद्देश्य से किया गया. इस घटना ने राजधानी के सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
First Updated : Tuesday, 11 November 2025